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आदिवासी ठेका नहीं चाहता, कमीशन नहीं चाहता, उसे सिर्फ काम चाहिए

राजधानी भोपाल में आदिवासी संगठनों का जमावड़ा, कमलनाथ भी हुए शामिल
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आदिवासी ठेका नहीं चाहता, कमीशन नहीं चाहता, उसे सिर्फ काम चाहिए

आदिवासी ठेका नहीं चाहता, कमीशन नहीं चाहता, उसे सिर्फ काम चाहिए

भोपाल। राजधानी भोपाल में आदिवासी संगठनों का जमावड़ा हुआ। इस मौके पर आदिवासियों को जागरूक करने, सरकारी येाजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाए जाने पर विचार विमर्श हुआ। इस आदिवासी महासम्मेलन में शामिल हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि लंबी चैड़ी बातें करना, मुंह चलाना, घोषणाएं करना तो बहुत आसान है। ये रोजगार की बात नहीं करेंगे, नौजवानों की बात नहीं करेंगे, आदिवासी के हितों की बात नहीं करेंगे। आदिवासी समाज ठेका नहीं चाहता, कमीशन नहीं चाहता, वह तो केवल अपने हाथों में काम चाहता है। आज रोजगार की चुनौती हमारे सामने हैं, कैसे नए रोजगार सृजित हो, आदिवासी नौजवान कैसे आगे बढ़े यह हमारे सामने चुनौती है। आदिवासी नौजवान ही हमारे प्रदेश का भविष्य सुरक्षित करेगा। आदिवासी का भविष्य सुरक्षित नहीं रहेगा तो मध्यप्रदेश का विकास कैसे होगा।

नाथ ने कहा कि आदिवासी समाज हमेशा से सच्चाई का साथ देता है। आप सच्चाई का साथ दीजिये, इसी से नई पीढ़ी का भविष्य, हमारा भविष्य सुरक्षित रह सकता है। आदिवासी संगठन सम्मेलन में प्रतिनिधियों द्वारा आदिवासी नृत्य के माध्यम से प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ का साफा बांधकर और आदिवासी जागो रे गीत से स्वागत किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री कांतिलाल भूरिया, आदिवासी वर्ग के वरिष्ठ प्रतिनिधिगण अजय शाह, विनोद इरपांचे, रामू टेकाम, दशरथ उइके, डीएस राय, आरएन ठाकुर, राकेश परते बाला राम परतेती सहित करीब 103 आदिवासी संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।