
bhayyuji maharaj shoot himself
भोपाल। अध्यात्मिक गुरु भय्यू महाराज ने इंदौर स्थित अपने घर पर खुद को गोली मार ली। थोड़ी देर बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया। भय्यूजी महाराज के निधन की खबर लगते ही उनके अनुयायी बड़ी संख्या में अस्पताल और घर पर जमा हो गए थे। इधर, देश की नामी हस्तियों ने भय्यूजी महाराज की श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई दिग्गज नेताओं ने इसे अपूरणीय क्षति बताया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने ट्वीट में लिखा है कि भय्यूजी के अवसान से उन अनगिनत लोगों को व्यक्तिगत क्षति हुई है, जिन्हें अपने आध्यात्मिक ज्ञान से उन्होंने जीवन जीने की राह दिखाई। नर्मदा सेवा मिशन से उनके जुड़ाव एवं पर्यावरण संरक्षण व सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में किए गए कार्य को कभी भुलाया नहीं जा सकता। चौहान ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा है कि देश ने संस्कृति, ज्ञान और सेवा की त्रिवेणी व्यक्तित्व को खो दिया। आपके विचार अनंत काल तक समाज को मानवता की सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
इधर, केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने भी ट्वीट कर भय्यूजी महाराज के निधन पर शोक जताया है। भारती ने लिखा है कि संत भय्यूजी महाराज के आकस्मिक निधन के समाचार से मैं स्तब्ध हूं। उन्हें आत्मीय श्रद्धांजलि।
सिंधिया का ट्वीट
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्वीट में लिखा है कि बहुत ही दुखद खबर है कि भय्यूजी महाराज अब हमारे बीच नहीं हैं। उनके निधन पर विनम्र श्रद्धांजलि।
उलझनें अनंत, लेकिन खुदकुशी हल नहीं
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने अपने ट्वीट में कहा है कि मानव जीवन की उलझनें अनंत हैं, पर ख़ुदकुशी इसका कदापि हल नहीं हो सकता। आज संत श्री भय्यूजी महाराज हमारे बीच नहीं रहे, पर उनके प्रेरणापुंज मानवता का सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे।
इधर, कांग्रेस नेता और राऊ से विधायक जीतू पटवारी ने भी भय्यूजी महाराज पर कहा है कि इस खबर से हतप्रभ हूं। भय्यू जी महाराज का जीवन हमेशा समाज के लिए समर्पित रहा। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
इन्होंने भी दी श्रद्धांजलि
इधर, इंदौर से विधायक रमेश मेंदोला ने भय्यूजी महाराज को आत्मीय श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि उनके साथ बहुत लंबे समय तक कार्य करने का अवसर मिला। उनके इस कदम से दुःखी और व्यथित हूं।
-इधर, महाराष्ट्र की मंत्री पकंजा मुंडे ने कहा है कि उनकी मौत की खबर सुनकर गहरा धक्का लगा। वे हमारे परिवार के सदस्य की तरह थे।
-सांसद महेश गिरी ने लिखा है कि सेवाभावी सन्त और आध्यात्मिक गुरु पूज्य भय्यू महाराज के निधन की खबर पाकर मैं स्तब्ध हूं। उनका जीवन समाज और राष्ट्र की सेवा को समर्पित था। परमात्मा उनकी दिव्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें व उनके परिवार और भक्तों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे।
गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने भी कहा है कि संतश्री के निधन की दुखद खबर मिली है। आपके द्वारा समाज सुधार के लिए किए गए कार्य अविस्मरणीय रहेंगे।
कौन हैं भय्यू महाराज
भय्यू महाराज का वास्तिवक नाम उदयसिंह देशमुख है। इंदौर में बापट चौराहे पर उनका आश्रम है जहां से वे अपने ट्रस्ट के सामाजिक कार्यों का संचालन करते हैं। भय्यू महाराज की पहली पत्नी का नाम माधवी है जिनका निधन हो चुका है। माधवी से उनकी एक बेटी कुहू है जो फिलहाल पुणे में पढ़ाई कर रही है। भय्यू महाराज ने दूसरी शादी डॉक्टर आयुषी से की है जो उनके साथ कई वर्षों से उनके ही आश्रम में सेवा में लगी थी।
हर जगह तक पहुंच
भय्यू महाराज की हर क्षेत्र में पहुंच मानी जाती है। फिल्म, राजनीति हो या फिर समाजसेवा। वे हर जगह सक्रिय रहते हैं। उनके आश्रम में वीआईपी संत आते हैं। देश के कई बड़े राजनेता, अभिनेता, गायक और उद्योगपति उनके आश्रम आ चुके हैं। इनमें पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पीएम नरेंद्र मोदी, शिवसेना के उद्धव ठाकरे और मनसे के राज ठाकरे, लता मंगेशकर, आशा भोंसले, अनुराधा पौडवाल, फिल्म एक्टर मिलिंद गुणाजी भी शामिल हैं।
Published on:
12 Jun 2018 06:09 pm
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