
tulsi totke
भोपाल। प्रचीन काल से यह परंपरा चली आ रही है कि घर के आंगन में एक तुलसी का पौधा जरूर होना चाहिए। शास्त्रों में तुलसी के पौधे को पवित्र, पूजनीय और देवी स्वरूप पूजा जाता है। माना जाता है कि अगर रोज सुबह के समय घर में तुलसी के पौधे की पूजा की जाए तो मन पूरी तरह से शांत रहता है। शहर के ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा बताते है कि जो व्यक्ति तुलसी के नियमित दर्शन करता हैं वह हमेशा रोग मुक्त और पाप मुक्त रहता हैं। साथ ही यदि कोई तुलसी पूजन करता हैं तो उसको मृत्यु के पश्चात मोश की प्राप्ति होती हैं । पंडित जी बताते है कि शास्त्रों की मानें तो तुलसी पूजन से लेकर तुलसी पत्र तोड़ने तक कुछ नियम बताए गये हैं जिनका पालन करना हर एक के लिए अनिवार्य हैं। जानिए क्या हैं तुलसी को तोड़ने के नियम....
- इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि द्वादशी, संक्रान्ति, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण तथा संध्या काल में तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। विष्णु पुराण में भी इन दिनों में तुलसी तोड़ने के लिए मना किया गया है।
- तुलसी के पत्तों को 11 दिनों तक बासी नहीं माना जाता है। इसकी पत्तियों पर हर रोज जल छिड़कर पुन: भगवान को अर्पित किया जा सकता है। इसलिए रोजाना तुलसी के पत्ते तोड़न की आवश्यकता नहीं होती है।
- तुलसी की पत्ती को तोड़ते समय महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते।। इस मंत्र को जरूर बोलें। अगर आप ऐसा करते है तो आपके घर में कभी भी लक्ष्मी की कमी नहीं होगी।
- तुलसी को तोड़ते समय ये मंत्र ॐ सुभद्राय नमः - ॐ सुप्रभाय नमः - मातस्तुलसि गोविन्द हृदयानन्द कारिणी नारायणस्य पूजार्थं चिनोमि त्वां नमोस्तुते भी पढ़ें।
- कभी भी शिवजी, गणेशजी और भैरवजी को तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाने चाहिए।
Published on:
04 Dec 2018 12:33 pm
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