
Twisha Sharma Death Case: (Photo Source - Patrika)
Twisha Sharma Case Updates: मध्यप्रदेश में भोपाल के सबसे चर्चित ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई जांच तेजी से शुरु हो गई है। गुरुवार को एक बार फिर सीबीआइ की टीम सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घर पहुंची है। इस मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह को एसआइटी ने बुधवार को भोपाल कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे 29 मई तक सीबीआइ रिमांड में भेजा है। सीबीआइ समर्थ को उसके घर ले गई। क्राइम सीन की जांच की। सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह व घर के सदस्यों से सवा तीन घंटे अलग-अलग पूछताछ की।
सीसीटीवी फुटेज में दिखे समर्थ के चचेरे भाई स्वराज सिंह के बयान लिए। इधर, गिरिबाला की अग्रिम जमानत रद्द कराने की मांग वाली याचिका पर मप्र हाईकोर्ट ने सुनवाई की। सीबीआइ के इंटरविनर बनने का आवेदन स्वीकारा। सीबीआइ ने पक्ष रखने, जमानत रद्द करने के समर्थन में हस्तक्षेप की अनुमति मांगी थी। दोपहर 2.30 से शाम 5.20 बजे तक सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
बीते दिन कोर्ट ने इस मामले की आरोपी और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को निचली अदालत से मिली अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया है। जस्टिस देवनारायण मिश्र की एकल पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए बेहद गंभीर टिप्पणियां भी की हैं। उन्होंने कोर्ट में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर बताया है कि ट्विशा के शरीर पर चोट के 6 निशान मिले हैं जो मौत से पहले के हैं। ये निशान कई तरह के शक को जन्म देते हैं। इस पूरे मामले में पूछताछ के लिए अब कड़ा रूख अपनाया जा सकता है।
हाईकोर्ट हैरान करने वाली टिप्पणी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर आई है। जिसमें कहा गया है कि ये चोटें ऐसी बिल्कुल नहीं हैं जो शव को फंदे से नीचे उतारने या उसे अस्पताल ले जाने के दौरान लगी हों। टि्वशा की डेडबॉडी में जो चोटें मिली हैं वे कुछ और ही कहती है। रिपोर्ट के मुताबिक ट्विशा के हाथों, उंगलियों और सिर पर साफ तौर पर चोट के निशान पाए गए हैं। सीबीआई की एफआईआर और कोर्ट के सामने आए दस्तावेजों से यह अंदेशा और गहरा हो गया है कि ये चोटें किसी वस्तु के प्रहार या फिर मौत से ठीक पहले हुई मारपीट के कारण लगी हो सकती हैं।
पूछताछ के दौरान, समर्थ ने जांचकर्ताओं को बताया कि गर्भवती होने और बाद में गर्भपात करवाने के बाद ट्विशा का व्यवहार बदल गया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उन्होंने वही बातें दोहराईं, जो उन्होंने पहले की पूछताछ के दौरान कही थीं। बता दें कि बीते दिन समर्थ सिंह को जिला अदालत ने सीबीआई हिरासत में सौंप दिया। बता दें कि इससे पहले समर्थ का भोपाल के जेपी अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। तुरंत ही दोपहर करीब ढाई बजे सीबीआई ने आरोपित को विशेष अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड मांगा। वहीं अब अदालत से मंजूरी मिलने के बाद समर्थ सिंह को सीबीआई की हिरासत में ले लिया गया। जिसके बाद समर्थ सिंह से कड़ी पूछताछ की जाएगी।
इस मामले में सीबीआई जांच शुरू होने से पहले ही स्थानीय पुलिस से समर्थ सिंह का मोबाइल फोन, लैपटॉप, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले चुकी है। एजेंसी अब इन डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण कर रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 12 मई की रात आखिर क्या हुआ था, घटना के बाद समर्थ की क्या गतिविधियां थीं और फरारी के दौरान वह किन लोगों के संपर्क में रहा। सीबीआई उसके बयान का तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से मिलान कर रही है। साथ ही डिजिटल सबूतों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में डॉक्टरों, मर्ग पंचनामा करने वाले पुलिस अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ हो सकती है। सीबीआर (CDR) के आधार पर भी कई लोगों से सवाल-जवाब किए जाने की संभावना है।
हाईकोर्ट ने इस बात को भी ध्यान में रखा है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली एम्स के डॉक्टरों की एक विशेष टीम द्वारा ट्विशा के शव का दूसरा पोस्टमार्टम (सेकंड ऑटोप्सी) भी कराया गया है। फिलहाल इस दूसरी विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस रिपोर्ट के आने के बाद ही क्लीयर हो पाएगा कि टि्वशा की हत्या कि गई या सुसाइड किया था।
Updated on:
28 May 2026, 11:53 AM IST
Published on:
28 May 2026, 11:53 AM IST
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