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2 नगर निगम के प्रस्ताव में संशोधन, कुछ धाराएं बढ़ाकर कलेक्टर ने दावे-आपत्तियां अपने अधिकार क्षेत्र में लिया

- धारा 405 (1) के तहत जारी किए नोटिफिकेशन में गवर्नर को अधिकार का हवाला देकर रद्द कराने की आपत्ति के बाद किया संशोधन

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bhopal nagar nigam

bhopal nagar nigam

भोपाल। नगर निगम को दो हिस्सों में बांटकर भोपाल और कोलार नगर निगम बनाने को लेकर कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने प्रस्ताव में संशोधन किया है। अब इसमें मप्र नगर पालिका निगम अधिनियम की धारा-7 और 10 को जोड़ कर इसे शासन के पास भेज दिया है। इन दो धाराओं के बढऩे से कलेक्टर को नगर निगम गठन करने और वार्डो का परिसीमन कराने के अधिकार प्राप्त हो जाते हैं।

इन धाराओं के बढऩे के बाद कलेक्टर निगमायुक्त से प्रस्ताव बुलवा सकते हैं। इससे पहले दो नगर निगम का नोटिफिकेशन धारा 405 (1) के तहत जारी किया था। इसके बाद कुछ लोगों ने आपत्ति लगाते हुए बताया था कि इस धारा में अधिकार गवर्नर के पास हैं। नए संसोधन में 405 (1) के साथ इन दो धाराओं के बढऩे से अधिकार कलेक्टर के पास सुरक्षित हो गए हैं।

ये अधिकार मिल जाते हैं धारा-7 और 10

धारा-7: इस धारा में कलेक्टर को अधिकार प्राप्त हो जाते हैं कि वे नगर निगम आयुक्त से नगर निगम गठन का प्रस्ताव बुलवा सकते हैं। इसी प्रकार धारा-10 में वार्डों की संख्या निर्धारण का अधिकार भी कलेक्टर के पास आ जाते हैं। इसमें भी नगर निगम आयुक्त से प्रस्ताव बुलवाने के बाद वार्ड का नए सिरे से परिसीमन कराया जा सकता है। एक नगर निगम में कम से कम 40 वार्ड रहने चाहिए। ऐसे में वार्डो की संख्या और बढ़ेगी।

इधर कोर्ट पहुंचा मामला, आज है सुनवाई

कलेक्टर की तरफ से धारा 405 (1) के तहत जारी किए गए नोटिफिकेशन के खिलाफ वॉइस ऑफ भोपाल के सचिव विकास बोन्द्रीया ने जबलपुर डबल बेंच में याचिका लगाई है। इसकी सुनवाई 31 अक्टूबर को होनी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश इसकी सुनवाई करेंगे। विकास ने अपनी अपील में बताया है कि कलेक्टर ने जिस धारा तहत नोटिफिकेश जारी किया है उस धारा में अधिकार सिर्फ गवर्नर के पास हैं। वे ही नगर निगम सीमा में क्षेत्रों को जोड़ घटा सकते हैं। कलेक्टर की तरफ से किए गए नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया जाए।