
uma bharti
भोपाल। चहेते अधिकारी को आइएएस बनवाने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र सार्वजनिक होने के बाद केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती शनिवार को भड़क उठीं। पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद उमा ने पहले कई ट्वीट किए और फिर एक कार्यक्रम में आइएएस अधिकारियों को उनकी कार्यप्रणाली को लेकर कठघरे में खड़ा किया।
उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में यहां तक कह दिया कि काम नहीं करने वाले ईमानदार अफसरों से बेईमान बेहतर हैं, जो काम तो करते हैं। ऐसी ईमानदारी तो पाताल में दफनाने के लायक है। उधर कांग्रेस ने कहा कि शिवराज सरकार का सुशासन का दावा झूठा है। महत्वपूर्ण पदों पर किस तरह नियुक्तियों और पदोन्नतियों में भाई भतीजावाद चलता है, यह उमा भारती के पत्र से साबित हो गया।
ये किए ट्वीट-
- हमारे प्रधानमंत्री तथा केंद्र सरकार के इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम को खराब करने की कुचेष्टा के अंतर्गत मार्च के अंतिम सप्ताह में उत्तराखंड से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखे गए मेरे एक पत्र को एक समाचार पत्र ने छापा और एक टीवी चैनल में दिखाया जा रहा है।
- कमाल यह है कि इस खबर में से पत्र लिखने का दिन एवं महीना गायब कर दिया तथा पत्र के अलग-अलग वाक्यों को जोड़कर एक समाचार बना दिया। इससे असली तथ्य ही गायब हो गए हैं तथा इस तथ्य पर तो कोर्ट ने भी अपनी राय दे दी है। इसलिए पत्र तथा उसका प्रसंग आज के संदर्भ में अपना अस्तित्व खो चुके हैं।
- किंतु, महत्वपूर्ण बात यह है कि आज का दिन इसके लिए क्यों चुना गया? यह केंद्र सरकार की छवि को खराब करने का प्रयास है तथा प्रधानमंत्री के महत्वपूर्ण उपलब्धि से ध्यान हटाने का प्रयास है।
-कार्यक्रम की गरिमा एवं महत्व को कम करने के लिए किसी दूसरे संदर्भहीन हो गए विषय को उठाने के इस अनैतिक प्रयास की मैं निंदा करती हूं। मेरी मीडिया के सभी वर्गों से अपील है कि आज इस घोर अनैतिक चेष्टा की अनदेखी करिए। मैं भोपाल में हूं, इस विषय पर रविवार को बात करूंगी।
अधिकारी खुद से करें स्वच्छता की शुरूआत-
भोपाल में राज्य स्तरीय स्वच्छता सम्मान समारोह में केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा, आइएएस-आइपीएस की सर्विस ऐसी है कि अगर काम नहीं करना है तो कह देंगे कि यह हो नहीं सकता है। जिन्हें करना है, वे करके दिखा देते हैं। कई लोग यह भी कह देते हैं कि मैं तो ईमानदार हूं, यह नहीं करूंगा, वह नहीं करूंगा। ऐसे लोगों से मैं यही कहती हूं कि तुमसे तो बेईमान अच्छे, जो कम से कम काम करके तो दिखा देंगे।
तुम्हारी ईमानदारी क्या करें, जो कि पाताल में दफनाने के लायक है। और बेईमान तो हमारे साथ रह ही नहीं सकता। हमारे जैसे लोग बैठे होंगे तो किस की हिम्मत होगी बेईमानी करने की। हम तो अच्छे-अच्छों को ठीक कर देंगे। उन्होंने कहा, आइएएस में एक गौरव होता है, एक गरिमा होती है, लेकिन एक जकडऩ भी होती है। मंच के पीछे जो अधिकारी बैठे हैं, उन्हें यह तय करना होगा कि स्वच्छता वे स्वयं से शुरू करेंगे। जैन आचार्य कुंद-कुंद ने कहा है कि जब एक उंगली आप किसी की ओर उठाते हो तो तीन उंगली आपकी ओर भी उठती है। जब आप किसी को कहते हो तुम एक गुना खराब हो, तो ध्यान रखना कि तीन उंगली तुम्हारी तरफ है। स्वच्छता का अभियान खुद से शुरू करो।
विपक्ष का वार
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा, प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री उमा भारती के अपने एक चहेते अधिकारी को आइएएस अवार्ड न करने के मामले में लिखे पत्र से यह साबित हो गया है कि आइएएस जैसे प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण पदों पर किस तरह से भाई-भतीजावाद चलता है। सुशासन का झूठा दावा करने वाली शिवराज सिंह सरकार का असली चेहरा सामने आ गया है। प्रदेश के साढ़े छ: लाख अधिकारियों-कर्मचारियों का मनोबल गिरा है, क्योंकि जो लोग ईमानदारी, कर्मठता और निष्पक्षता के साथ बगैर राजनीतिक संबंधों के काम कर रहे हैं, उन्हें महसूस हो रहा है कि किस तरह उनके साथ अन्याय हो रहा है।
Published on:
13 May 2018 06:58 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
