25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब मुख्यमंत्री के ब्यूरोक्रेसी वाले बयान पर उमा भारती ने कह दी बड़ी बात

ब्यूरोक्रेसी को अपनी चप्पल उठाने वाला बता चुकी उमा ने एक बार फिर ब्यूरोक्रेसी को घेरा...। शिवराज से कही यह बात...।

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Manish Geete

Dec 15, 2022

uma1_1.png

भोपाल। पूर्व सीएम उमा भारती (uma bharti) ने पहले ब्यूरोक्रेसी को चप्पल उठाने वाला बताया था, इस बार फिर ब्यूरोक्रेसी को घेरते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए बात कही है।उमा ने एक के बाद एक 9 ट्वीट (tweets) भी किए हैं। उमा ने कहा है कि हमें कार्यकर्ता, विधायक सांसद और संगठन का भी भरोसा करना होगा।

दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (cm shivraj singh chauhan) ने दो दिन पहले यंग प्रोफेशनल्स के समागन कार्यक्रम में वक्तव्य दिया था। जिसके आधार पर उमा ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह कहना कि हमारे अफसर वल्लभ भवन के प्रेजेंटेशन में एक सुंदर तस्वीर पेश करते हैं, लेकिन वह सच्चाई से दूर होती है। इस कन्फेशन (स्वीकारोक्ति) के लिए वे मुख्यमंत्री का अभिनंदन करती हैं। और, इसलिए कार्यकर्ता, विधायक, सांसद और संगठन का भरोसा करने की बात कहती हैं।

उमा का विवादित बयान, हमारी चप्पल उठाती है ब्यूरोक्रेसी

यह हैं उमा भारती के ट्वीट

1) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री जी का यह कहना की अफसर हमारे सामने प्रेज़ेंटेशन में एक सुंदर तस्वीर पेश करते हैं, लेकिन वह सच्चाई से दूर होती है। इस कन्फ़ेशन (स्वीकारोक्ति) के लिए मुख्यमंत्री जी का अभिनंदन।

2) ख़ुद अपने हाल ही के मध्यप्रदेश के भ्रमण के दौरान मैंने ऐसे ही कुछ सत्य देखे।

3) अमरकंटक में कबीर चौराहे पर महीनों से लाइट नहीं थी। मैंने मुख्यमंत्री कार्यालय फोन किया, लाइट तुरंत आ गई, अधिकारियों ने कहा, लाइट 24 घंटे से नहीं थी। जबकि हक़ीक़त में लाइट महीनों से नही थी।

4) डिंडोरी जिले के शाहपुर की शराब की दुकान स्कूल से 50 मीटर के अंदर थी जबकि मुख्यमंत्री जी बहुत पहले उसको हटाने का आदेश दे चुके हैं।

5) मुझे अमरकंटक में वहां के लोगों ने जानकारी दी है की अभी कुछ वर्ष पहले हमारी ही सरकार के समय पर क़रीब 50000 बहुमूल्य साल वृक्षों को वन विभाग ने बीमार घोषित करके उनको काट डालने का फ़ैसला किया ताकि बीमारी आगे ना फैले।

6) लेकिन 50000 (पचास हज़ार) के जगह 200000 (दो लाख) बहुमूल्य साल वृक्ष काट दिए गए। इस भयावने सच की हमें जाँच बिठानी चाहिए।

7) हमें कार्यकर्ता, विधायक, सांसद एवं संगठन का भी भरोसा करना होगा।

8) कार्यकर्ता को आँख, ब्यूरोक्रेसी को हाथ, सरकार को पाँव, मुख्यमंत्री को मुख बनना होगा तो सत्य प्रत्यक्ष होगा, कार्यवाही उचित होगी और विकास की जड़ मज़बूत होगी।

9) मुखिआ मुखु सो चाहिए, खान पान कहुँ एक।
पालइ पोषइ सकल अँग, तुलसी सहित बिबेक॥

यह भी पढ़ेंः

उमा भारती का ऐलानः सभी बंधन से मुक्त हो रही हूं, अयोध्या आंदोलन भी याद दिलाया
एक IAS ऑफिसर के बयान से गुस्सा हो गई उमा भारती, सीएम से की शिकायत