
भोपाल/ मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार और संगठन के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। अब तक संगठन की गुटबाजी लोगों के सामने थी। लेकिन सरकार में भी कलह की बात सामने आने लगी है। पिछले दिनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सभी मंत्रियों को चिट्ठी लिखी थी और उन्हें मिलने के लिए बुलाया था। अब इस चिट्ठी के खिलाफ कमलनाथ सरकार के मंत्री उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
मध्यप्रदेश सरकार में वन मंत्री उमंग सिंघार ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिख दिग्विजय सिंह पर बड़ा आरोप लगाया है। उमंगर सिंघार ने लिखा है कि दिग्विजय सिंह कमलनाथ सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि साथ में दिग्विजय सिंह खुद को समानांतर विकल्प के रूप में प्रोजेक्ट भी कर रहे हैं। उमंग सिंघार के इस पत्र से कांग्रेस में हड़कंप मच गया है।
पर्दे के पीछे से चला रहे सरकार
वन मंत्री उमंग सिंघार ने सोमवार को धार में दिग्विजय सिंह के ऊपर बड़ा आरोप लगाया था। उन्होंने दिग्विजय सिंह की चिट्ठी पर कहा था कि दिग्विजय सिंह को चिट्ठी लिखने की क्या आवश्यकता है। पर्दे के पीछे से तो दिग्विजय सिंह सरकार चला रहे हैं। कांग्रेस पार्टी का कार्यकर्ता और नेता सभी जानते हैं। सिंघार के इस बयान के बाद से ही मध्यप्रदेश की राजनीति में बवंडर मचा हुआ है। वहीं, दिग्विजय सिंह अभी इस विवाद पर खामोश हैं।
क्या है मामला
दिग्विजय ने चिट्ठी में लिखा कि मेरे द्वारा जनवरी से 15 अगस्त तक स्थानांतरण सहित विभिन्न विषयों से संबंधित आवेदन पत्र आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रेषित किए गए थे। आपको पृथक से पत्र लिखकर कार्रवाई से अवगत कराने एवं यदि संभव नहीं है तो उसकी जानकारी देने का अनुरोध किया था। कार्रवाई के बारे में जानने के लिए आपसे 31 अगस्त के पूर्व भेंट करना चाहता हूं। कृपया मुझे समय प्रदान करने का कष्ट करें।
इसलिए लिखी चिट्ठी
सत्ता-संगठन में तबादला बड़ा मुद्दा बना हुआ है। बड़ी संख्या में तबादलों के बावजूद कांग्रेस में असंतोष है। संगठन की शिकायत है कि मंत्री सुनते ही नहीं। उधर, मंत्रियों का तर्क है कि अफसरशाही उनकी नहीं सुन रही। ऐसे में दिग्विजय की चिट्ठी से यह माना जा रहा है कि इस कदम से मंत्री एक्टिव होंगे और वे कार्यकर्ताओं के लिए काम करेंगे।
शिवराज ने भी साधा निशाना
मंत्री के आरोपों पर पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश में अभूतपूर्व संवैधानिक संकट पैदा हो गया है, मुख्यमंत्री कमलनाथ हैं, लेकिन सरकार दिग्विजय सिंह चला रहे हैं। उनकी चिठ्ठी जा रही है, कौन-कौन से काम हुए, बताओ। क्या मंत्री को धमकाने का अधिकार उनको है? इसलिए कांग्रेस को स्थिति स्पष्ट कर इस संकट को समाप्त करना चाहिए।
Updated on:
02 Sept 2019 03:25 pm
Published on:
02 Sept 2019 03:20 pm
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