गौरतलब है कि स्पीड ब्रेकर के पास को एक्सीलरेटर से जोड़ा जाता है और एक निश्चित स्पीड तय कर दी जाती है। पूरा एक्सीलरेटर दबाने के बावजूद वाहन तय स्पीड से ज्यादा नहीं दौड़ पाता है। वाहनों को तेज रफ्तार दौड़ाने के लिए वाहन चालक ब्रेक से गवर्नर का कनेक्शन कट कर देते थे, जिससे गवर्नर बाहरीतौर पर तो लगा हुआ नजर आता था, लेकिन एक्सीलरेटर से कनेक्ट नहीं होने से स्पीड हीं रोक पाता था। आरटीओ से जुड़े सूत्रों के अनुसार आरटीओ की सील के बाद जांच में यदि वह टूटी पाई तो पांच हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा।