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Unified Pension Scheme: महाराष्ट्र के बाद एमपी में लागू होगी पेंशन स्कीम, क्या है योजना, किसे मिलेगा लाभ

Unified Pension Scheme: प्रदेश कर्मचारी संगठनों ने सरकार से यूनिफाइड पेंशन स्कीम को लागू करने की मांग की है। केन्द्र सरकार ने यूपीएस (UPS)को केन्द्रीय सेवाओं में लागू करने की मंजूरी दे दी है।
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भोपाल

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Sanjana Kumar

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Updated: 26 Aug 2024, 12:38 PM IST

ups

एमपी में भी लागू होगी Unified Pension Scheme.

Unified Pension Scheme: केन्द्र सरकार ने कर्मचारियों के लिए यूपीएस योजना को लागू करने की मंजूरी दे दी है। अब केन्द्र सरकार की सेवाओं में 1 अप्रैल 2025 यानी वित्त वर्ष 2026 से UPS लागू किया जाएगा। मध्यप्रेदश के कर्मचारी संगठन भी प्रदेश में यूनिफाइड पेंशन स्कीम के लागू कराने पक्ष में हैं, जो न्यूनतम और पारिवारिक पेंशन की गारंटी देती है। सरकार योजना को लागू करने से पहले वित्त विभाग से परीक्षण कराएगी। यहां जानें क्या है यूनिफाइड पेंशन स्कीम, किन कर्मचारियों को मिलेगा इसका लाभ…

यूनिफाइड पेंशन स्कीम क्या है?

यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक नई पेंशन स्कीम है। यूपीएस के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को एक निश्चित पेंशन मिलेगी। अब तक केंद्रीय कर्मचारियों के लिए न्यू पेंशन स्कीम (NPS) का प्रावधान था, लेकिन इसमें फिक्स पेंशन नहीं मिलती थी।


लेकिन अब UPS के तहत रिटायर्ड कर्मचारियों को 12 महीने की एवरेज बेसिक सैलरी का 50% निश्चित पेंशन के रूप में दी दिया जाएगा। हालांकि ये पेंशन पाने के लिए कर्मचारियों को कम से कम 25 साल तक अपनी सेवाएं देनी होंगी। यानि जो केंद्रीय कर्मचारी 25 साल तक की नौकरी करने के बाद रिटायर हुए हैं, वे UPS पेंशन के पात्र माने जाएंगे।

लेकिन यदि किसी कर्मचारी की असमय मौत हो जाती है, तो परिवार को भी एक निश्चित पेंशन दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत जो कर्मचारी की मौत पर रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी को मिलने वाली पेंशन का 60 फीसदी निश्चित पेंशन के रूप में दिया जाएगा। बता दें कि 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।

इन कर्मचारियों को मिलेगी 10 हजार रुपए पेंशन

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए लाई गई इस योजना को लेकर मन में सवाल आता है कि जिन्हें 25 साल नहीं हुए हैं क्या उन्हें पेंशन की इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा? तो आपको बता दें कि UPS पेंशन योजना के तहत मिनिमम एश्‍योर्ड पेंशन भी दिया जाएगा। इसका मतलब है कि जो लोग 10 साल तक ही नौकरी करते हैं तो उन्‍हें कम से कम 10 हजार रुपए की पेंशन दी जाएगी।
 

मध्यप्रदेश कर्मचारी संगठनों ने की UPS के लाभ की मांग

-मध्यप्रदेश कर्मचारी संगठन प्रदेश में यूपीएस लागू कराने के पक्ष में है।
-कर्मचारी संगठनों ने सरकार से मांग भी की है कि न्यू पेंशन स्कीम में प्रदेश के जो साढ़े चार लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारी हैं, उन्हें इसका लाभ दिया जाए।
- मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर योजना को मध्य प्रदेश में भी लागू करने का अनुरोध किया है।
- प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि सरकार मूल वेतन का साढ़े 18 प्रतिशत अंशदान अपने खाते से जमा करेगी।
- न्यू पेंशन स्कीम के जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा।

एनपीएस के नुकसान यूपीएस में कम हुए लेकिन खत्म नहीं हुए।

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव उमाशंकर तिवारी ने कहा कि यूपीएस (Unified Pension Scheme) लागू होने से एनपीएस के नुकसान कम हुए हैं लेकिन खत्म नहीं। केंद्र सरकार द्वारा यूपीएस के माध्यम से एनपीएस में जो परेशानी थी उसे कम किया गया है। उसका हम स्वागत करते हैं लेकिन, केंद्र सरकार को 2005 से पहले लागू ओल्ड पेंशन स्कीम (Old Pension Scheme) ही लागू करना चाहिए। जब केंद्र सरकार द्वारा 18.50% अपना योगदान दिया जाएगा और बहुत सारे लाभ जब यूपीएस में दिए जा रहे हैं तो सीधे-सीधे पुरानी पेंशन स्कीम ही लागू कर देने से देश के कर्मचारियों की एक बड़ी मांग पूरी होगी।

पुरानी पेंशन स्कीम ही पूरे देश में लागू की जाए

अब विभागों में तीन पेंशन स्कीम लागू रहेंगी ओल्ड पेंशन स्कीम एनपीएस और यूपीएस। ऐसे में कर्मचारियों के लिए बड़ा असमंजस रहेगा। केंद्र द्वारा लागू UPS राज्य सरकारें किस रूप में लागू करेंगी, यह आने वाले समय में सामने आएगा। देश के प्रधानमंत्री जी से मांग है कि पुरानी पेंशन स्कीम ही पूरे देश में लागू की जाए। यह मोदी की गारंटी होना चाहिए। पूरे देश का कर्मचारी पुरानी पेंशन स्कीम लागू होने पर केंद्र सरकार का आभारी रहेगा।

उमाशंकर तिवारी, प्रदेश सचिव, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ भोपाल, मध्य प्रदेश