1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छत्रपति शिवाजी महाराज का ‘वाघ नख’ भारत को वापस लौटाएगा यूनाइटेड किंगडम, सिंधिया ने की पुष्टि

शिवाजी महाराज ने इसी वाघनख से एक झटके में बीजापुर सल्तनत के सेनापति अफजल खान का पेट चीर दिया था। अब यही वागनख यूनाइटेड किंगडम भारत को लौटा रहा है। केंद्रीयमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की पुष्टि।

3 min read
Google source verification
baghnakh of shivaji maharaj

छत्रपति शिवाजी महाराज का 'वाघ नख' भारत को वापस लौटाएगा यूनाइटेड किंगडम, सिंधिया ने की पुष्टि

भारतीयों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। खबर ये है कि, छत्रपति शिवाजी महाराज का 'बाघ नख' वापस भारत आने वाला है। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से जानकारी दी गई है।

छत्रपति शिवाजी महाराज के 'बाघ नख' के संबंध में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्विटर पर जानकारी देते हुए लिखा कि, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक पहलों के कारण, जल्द ही छत्रपति शिवाजी महाराज का 'वाघ नख' वापस भारत आएगा, जिससे उन्होंने अफजल खान का वध किया था। ये निश्चित ही एक गौरवपूर्ण पल है जब देश का धरोहर, देश लौटेगा। जय भवानी, जय शिवाजी!'

यह भी पढ़ें- जन्मदिन पर उज्जैन पहुंचे अक्षय कुमार, महाकाल दर्शन के बाद दोस्तों के साथ मिलकर काटा केक, देखें तस्वीरें


इसी साल भारत को लौटाया जाएगा वाघनख

वहीं, दूसरी तरफ शिवाजी महाराज का खास हथियार को वापस करने की सहमति यूनाइटेड किंगडम के अधिकारियों द्वारा भी दे दी गई है। फिलहाल, वाघ नख लंदन के विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम में रखा हुआ है। जानकारी के अनुसार, बाघ नख को वापस लाने की पूरी जिम्मेदारी होगी महाराष्ट्र सरकार के प्रिंसिपल सेक्रेटरी मुंगतीवार और आर्कियोलॉजी और म्यूजियम डिपार्टमेंट के डायरेक्ट्रेट डॉ. तेजस पर जो लंदन के विक्टोरिया और अल्बर्ट म्यूजियम जाएंगे और सभी जरूरी प्रक्रिया को पूरी करके वाघ नख वापस लाने के लिए एक समझौते पत्र हस्ताक्षर करेंगे। यह टीम 29 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच लंदन में ही रहेगी। इसके बाद साल के अंत तक इस वाघनख को युनाइटेड किंगडम भारत को लौटा देगा।

यह भी पढ़ें- लापरवाही पड़ी जान पर भारी, बाइक समेत नदी के तेज बहाव में बह गया युवक, देखें Live Video


वाघ नख की बनावट है बेहद खास

छत्रपति शिवाजी महाराज का वाघ नख इतिहास का एक मूलभूत खजाना है। खासतौर पर इससे महाराष्ट्रवासियों की खास भावनाएं जुड़ी हैं। वाघ नख एक प्रकार का खंजर है, जिसका अगला हिस्सा बेहद नुकीला है, जो देखने में बाघ के नाखूनों की तरह प्रतीत होता है। इसमें दो रिंग भी शामिल है, जिसकी मदद से शिवाजी द्वारा इसे पहना जाता था। इतिहास के जानकारों के अनुसार, बीजापुर सल्तनत के सेनापति अफजल खान को शिवाजी महाराज ने इसी वागनख से मारा था।


महाराष्ट्र से इंग्लैंड कैसे पहुंचा था ये

ऐसा कहा जाता है कि, बाघ के पंजों की तरह दिखने वाला खंजर खास तौर से पहली बार शिवाजी के लिए ही तैयार हुआ था, ताकि ये उनकी मुट्ठी में फिट हो सके। ये हथियार इतना धारदार था, जिससे एक ही झटके में दुश्मन को चीर सकेय़ शिवाजी महाराज का वाघ नख मराठा साम्राज्य की राजधानी सतारा में था। अंग्रेजों के भारत आने के बाद मराठा पेशवा के प्रधानमंत्री ने 1818 में ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारी जेम्स ग्रांट डफ को भेंट किया था। 1824 में डफ वापस इंग्लैंड गए और अपने साथ बाघ नख को भी ले गए। बाद में उन्होंने इसे लंदन की विक्टोरिया और अल्बर्ट म्यूजियम को दान कर दिया था।


एक झटके में मारा गया था अफजल खान

इतिहास के जानकारों के अनुसार, 1659 में शिवाजी महाराज ने बीजापुर सल्तनत के सेनापति अफजल खान को वाघनख से एक ही झटके में चीर दिया था। ये वो दौर था जब बीजापुर सल्तनत का प्रमुख आदिल शाह और शिवाजी के बीच युद्ध हुआ था। अफजल खान ने छल से शिवाजी को मारने की योजना बनाई। उसने शिवाजी को मिलने बुलाया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया। जब शामियाने में मुलाकात के दौरान उसने शिवाजी की पीठ में खंजर घौंपने का प्रयास किया तो शिवाजी ने यही वाघ नख उसके पेट में घुसाते हुए उसे चीर दिया। इससे अफजल खान की मौके पर ही मौत हो गई।


शिवाजी की तलवार लाने के प्रयास भी जारी

बाघ नख को वापस लाने का समझौता पत्र साइन करने के अलावा अधिकारी शिवाजी की जगदंबा तलवार भी वापस लाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। ये तलवार भी यूके के ही एक म्यूजियम में रखी है।