22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Vande Bharat: 3 बड़े शहरों की बल्ले-बल्ले ! 16 कोच के साथ चलेगी ‘वंदे भारत स्लीपर ट्रेन’

Vande Bharat Sleeper Train: देश के अलग-अलग राज्यों को 10 वंदे भारत स्लीपर की सौगात मिलने वाली है। इन 10 वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में मध्य प्रदेश की यात्रियों को भी सौगात मिलने वाली है...

2 min read
Google source verification
Vande Bharat

Vande Bharat

Vande Bharat Sleeper Train: दिवाली पर इस बार आपको वेटिंग के टिकट से छुटकारा मिल सकता है। मध्यप्रदेश के यात्रियों की बल्ले-बल्ले होने वाली है। जल्द ही स्लीपर वंदे भारत का इंतजार खत्म होने वाला है।

यात्रियों की जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, बिहार की राजधानी पटना और मुंबई के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (BHOPAL MUMBAI VANDE BHARAT SLEEPER) शुरू होने जा रही है। रेलवे का प्लान है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दीपावली से शुरू हो सकती है।

ये भी पढ़ें: Vande Bharat: 3 बड़े शहरों की बल्ले-बल्ले ! इन रूटों पर जल्द चलेगी ‘वंदे भारत स्लीपर ट्रेन’


लगाए जाएंगे 16-16 कोच

लखनऊ, बिहार की राजधानी पटना और मुंबई के लिए चलने वाली इस ट्रेन में स्लीपर सीट की सुविधा होगी। यह ट्रेन शुरू होने से भोपाल से पटना, लखनऊ और मुंबई तक सीधे सुविधाजनक सफर करना आसान हो जाएगा। अभी तक इन तीनों बड़े शहरों के लिए भोपाल से गिनी चुनी ट्रेन ही उपलब्ध है।

ये भी पढ़ें: Indian Railways: रेलवे ने दी बड़ी राहत ! वंदे भारत, शताब्दी-हमसफर में सफर करने वालों की बल्ले-बल्ले


क्या होगी खासियत

- वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में 16 कोच होंगे जिसमें एसी 3 टियर के 11 कोच, एसी 2 टियर के 4 कोच, एसी फर्स्ट के एक कोच होंगे।

-इस ट्रेन में कुल 823 यात्रियों की बर्थ क्षमता होगी, जिसमें एसी 3 टियर में 611 यात्री, एसी 2 टियर में 188 यात्री और एसी 1st में 24 यात्री यात्रा कर सकते हैं।

-यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने हर बर्थ के किनारे गद्देदार आकृति बनाने पर विचार कर रहा है। इसमें राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में बर्थ का गद्दा ज्यादा आरामदायक होगा।

-इंटीरियर की बात करें तो कई रंगों के साथ इसे आकर्षक बनाया जाएगा। ट्रेन में यात्रियों को अपर और मीडिल बर्थ तक आसानी से पहुंचने के लिए बेहतर डिजाइन वाली सीढ़ी होगी।

-इस ट्रेन में सभी सामान्य क्षेत्रों में लाइट सेंसर होगी. यानी कि यात्री जब इस फर्श की पट्टियों के पास पहुंचेंगे तो लाइट खद- ब-खुद जल जाएगी और जब यात्री वहां से निकलेंगे तो लाइन बंद हो जाएगी।

-ट्रेन में शौचालय और एक कोच से दूसरे कोच में जाने वाले स्थानों पर ऑटोमेटिक दरवाजे होंगे। इसमें एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन किया गया गंध रहित टॉयलेट सिस्टम होगा। इस ट्रेन में हवाई जहाज की तरह बायो-वैक्यूम शौचालय फिट किया जाएगा।