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सुबह-सुबह घर के प्रवेश द्वार पर कर लें ये काम, घर में रहेगी हमेशा बरकत

सुबह-सुबह घर के प्रवेश द्वार पर कर लें ये काम, घर में रहेगी हमेशा बरकत

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vastu for main gate

सुबह-सुबह घर के प्रवेश द्वार पर कर लें ये काम, घर में रहेगी हमेशा बरकत

भोपालः घर का वास्तु उसमें रहने वालों के लिए सुलभ हो इसका काफी महत्व होता है। खासतौर पर घर का मुख्य द्वार, क्योंकि मुख्य द्वार से होकर ही कोई भी घर में प्रवेश करता है। इस द्वार के माध्यम से ही घर में सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। ऐसे में अगर मुख्य द्वार का वास्तु सही है तो बाहर से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा से भी आपका घर सुरक्षित रहता है, लेकिन अगर घर के प्रवेश द्वार में वास्तु दोष है, तो नकारात्मक ऊर्जाओं और शक्तियों को ये स्वयं आर्कषित करता है, जिसके चलते घर में सुख-शांति उत्पन्न नहीं होती। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में मुख्यद्वार को दोषमुक्त और शुभ बनाए रखने के लिए कई उपाय किए जाते हैं, आज हम आपको उन्ही में से कुछ कारगर और आसान उपायों के बारे में बताएंगे, जिससे आप अपने प्रवेश द्वार के साथ घर को दोष मुक्त कर सकते हैं।

यह हैं घर के मुख्य द्वार को दोष मुक्त करने का कारगर तरीका

-घर के मुख्य द्वार पर सुबह-सुबह सबसे पहले गंगाजल छिड़क दें, इससे द्वार समेत पूरे घर की शुभता हो जाती है। ऐसा करने से धन की देवी लक्ष्मी के लिए भी गृह प्रवेश का योग बनता है। यह कार्य घर की स्त्री यानी गृहलक्ष्मी को करना ज्यादा लाभकारी है। ऐसा करने से घर के द्वार पर रात भर में एकत्रित हुई नकारात्मक ऊर्जा को दूर किया जाता है।

-घर के प्रवेश द्वार पर स्वास्तिक बनाने से हर तरह के वास्तु दोष खत्म होते हैं। अगर घर के प्रवेश द्वार पर रंगोली सजाई जाए, तो आपके घर की तरफ देवी लक्ष्मी आर्कषित होती हैं और उनकी कृपा से घर-परिवार में सुख-समृद्धी बढ़ती है।

-वहीं घर की शुभता बढ़ाने के लिए हर दिन गृहलक्ष्मी के हाथों घर के मुख्य द्वार पर मंगलकारी तोरण लगाना चाहिए, ये तोरण अशोक या आम के पत्तों, पीपल और कनेर के पत्तों का होना चाहिए, जिसे एक धागे से बांध कर मकान के मुख्य द्वार पर लटकाने से घर में सुख-शांति बढ़ती है। ऐसा माना जाता है कि, जिस घर में तोरण बंधा होता है, वहां देवी-देवताओं का आशीष रहता है। वहीं अगर बिल्वपत्र का तोरण बांधा जाए तो इससे किसी भी तरह की नकारात्मक शक्ति घर में प्रवेश नहीं करती।

मुख्य दरवाजे से सम्बंधित वास्तु

-वास्तु के अनुसार, घर का मुख्य द्वार पूर्व और पश्चिम दिशा में होने से घर में सुख-समृद्धि आती है।

-घर के दरवाजे हमेशा दो पल्लों के होने से दीर्घ आयु को जाता है, अगर ऐसा नही होता तो ऐसा करना उसकी अल्पायु का कारण बन सकता है।

-घर का मेन दरवाजा टूटा या सड़ा नहीं होना चाहिए, क्योंकि, यही वह द्वार है जहां से आपको सुख-समृद्धी और मान-सम्मान मिलता है। ऐसे में अगर ये सही नहीं है तो इसके नकारात्मक प्रभाव से आपके सम्मान में कमी आती है।

-घर का मुख्य दरवाजा लगाते समय इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि, वह अंदर की तरफ खुले, क्योंकि वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का दरवाजा बाहर खुलना खतरे की घंटी माना जाता है। इसके कारण अक्सर अप्रिय और शोक समाचार सुनने में आते हैं।