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भोपाल। जब भी कोई इंसान घर बनाने की सोचता है तो सबसे पहले वास्तु का ख्याल आता है। हर इंसान अपने घर को पूरी तरीके से वास्तु दोष से दूर रखना चाहता है, जिससे कि घर में सुख शांति बनी रहे। शहर के ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा बताते है वास्तुशास्त्र एक ऐसा भारतीय शास्त्र है जो प्राचीन काल से भारत में अपनाया जा रहा है। वास्तुशास्त्र एक ऐसी विधा है जो दिशाओं के स्वभाव के अनुसार घर का नक्शा बनाने का सुझाव देती है ताकि आपके घर का हर एक कोना दिशाओं के अनुकूल बनें जिससे हर कोने में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे। लेकिन जब वास्तु के अनुसार घर नहीं बनवाया जाता है तो घर का जो क्षेत्र दिशा के अनुकूल नहीं होता है वहां नकारात्मकता बढ़ती जाती है। आप भी जानिए कि घर में किन बातों का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है....
- पश्चिम दिशा में द्वार दोष उत्पन्न होने पर रविवार को सूर्योदय से पूर्व दरवाजे के सम्मुख नारियल के साथ कुछ सिक्के रख कर दबा दें। सूर्य के मंत्र से हवन करें। द्वार दोष दूर होगा।
- पूर्व दिशा में घर का दरवाजा जातक को ऋणी बना देता है तो सोमवार को रुद्राक्ष घर के दरवाजे के मध्य लटका दें और पहले सोमवार को हवन करें। रुद्राक्ष व शिव की आराधना करने से आपके समस्त कार्य सफल होंगे। साथ ही घर में पानी जमा करने का कोण ईशान कोण होता है जो उत्तर-पूर्वी दिशा में होता है इसलिए पानी जमा करने का स्थान इसी दिशा में बनाना चाहिए।
- दक्षिण दिशा में घर का प्रमुख द्वार शुभ नहीं है। इसके कारण आप घर में लगातार परेशानियों का सामना कर रहे हैं, तो बुधवार या वीरवार को नींबू या सात कौडिय़ां धागे में बांधकर लटका देनी चाहिएं। घर का मुख्य द्वार पूर्व दिशा में होना चाहिए। ऐसा होने पर समृद्धि का मार्ग खुलता है जबकि दक्षिण दिशा में घर का मुख्य द्वार होना मुश्किलों को बढ़ाता है।
- वास्तु के अनुसार उत्तर का दरवाजा हमेशा लाभकारी होता है। यदि द्वार दोष उत्पन्न होता है तो भगवान विष्णु की आराधना करें। पीले फूल की माला दरवाजे पर लगाएं।
Updated on:
29 Aug 2018 03:51 pm
Published on:
29 Aug 2018 03:48 pm
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