
भोपाल। जब भी कोई इंसान घर बनाने की सोचता है तो सबसे पहले वास्तु का ख्याल आता है। हर इंसान अपने घर को पूरी तरीके से वास्तु दोष से दूर रखना चाहता है, जिससे कि घर में सुख शांति बनी रहे। शहर के ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा बताते है वास्तुशास्त्र एक ऐसा भारतीय शास्त्र है जो प्राचीन काल से भारत में अपनाया जा रहा है।
वास्तुशास्त्र एक ऐसी विधा है जो दिशाओं के स्वभाव के अनुसार घर का नक्शा बनाने का सुझाव देती है ताकि आपके घर का हर एक कोना दिशाओं के अनुकूल बनें जिससे हर कोने में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे। लेकिन जब वास्तु के अनुसार घर नहीं बनवाया जाता है तो घर का जो क्षेत्र दिशा के अनुकूल नहीं होता है वहां नकारात्मकता बढ़ती जाती है। जानिए कि घर में बच्चों का रुम बनाते समय वास्तु से जुड़ी किन बातों का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है....
- अगर बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा है तो ये वास्तु का भी कारण हो सकता है। ध्यान रहे कि बच्चे का स्टडी रुम पश्चिम या दक्षिण दिशा में होना शुभ माना जाता है।
- जब भी बच्चा पढ़ाई करे तो उसको पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करने को कहें। इससे पढ़ाई करने में एकाग्रता बनी रहती है।
- बच्चो के स्टडी रुम में मां सरस्वती और भगवान श्रीगणेश की तस्वीर लगाएं। ऐसा करने से पढ़ाई करने के शुभ फल मिलते हैं।
- स्टडी टेबल में पिरामिड जरूर रखें। कहा जाता है कि पिरामिड के शुभ असर स्टडी रूम में ऊर्जा बढ़ती है।
- स्टडी रुम की दीवारों का रंग हल्का हरा या इससे मिलता-जुलता होना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। पंडित जी बताते है कि हर रंग को शुभ मानने का कारण यह है कि ये रंग बुध का रंग होता है। बुध शिक्षा का कारक ग्रह है।
- पढ़ाई करने के लिए जिस भी टेबल का प्रयोग करें उसे कोने में नहीं लगाना चाहिए। दीवार से हटकर टेबल को लगाएं।
Published on:
05 Feb 2020 05:46 pm
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