रीना गुजराल ने बताया कि यह उनका एक संकल्प है और साध्वी ऋतंभरा दीदी का प्रकल्प। दीदी मां द्वारा बेसहारा, अनाथ नवजात व कम उम्र के बच्चों सहित परित्यक्ता महिलाओं व वृद्धाओं को अनाथालय के बजाये उन्हें परिवार देने का प्रकल्प वात्सल्य ग्राम के रूप में वृंदावन में चलाया जा रहा है। जहां नानी, मौसी को पांच बच्चों को पालने की जिम्मेदारी दी जाती है। दुधमुंहे व छोटे बच्चों को दूध पिलाने के लिए वात्सल्य ग्राम में गौ शाला भी बनाई गई है। जिसका खर्च वहन करने गौ पात्र सेवा दीदी मां ने शुरू की गई।