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यहां गौ दूध से मिल रहा नवजातों को जीवन और वात्सल्य

साध्वी ऋतंभरा देवी के वृंदावन स्थित वात्सल्य ग्राम में बने संस्कारधानी के लोग बन रहे सहभागी, शहर में 600 से अधिक लोगों ने रखे गौ पात्र, हर महीने इच्छानुसार दे रहे दान, गौ का दूध दिया जाता है सैकड़ों नवजातों को

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Lali Kosta

Nov 01, 2015

(विभिन्न दुकानों व प्रतिष्ठानों में गौ पात्र वितरण करतीं रीना गुजराल)

जबलपुर।
वे रोज सामर्थ्य व स्वेच्छानुसार गौ माता को राशि दान करते हैं। ताकि सैकड़ों किमी की दूरी पर नानी, मौसी के वात्सल्य में पल रहे नवजातों और बेसहारा बच्चों को पेटभर दूध मिल सके। वहीं गौ माता का भी निर्वाद्ध रूप से पालन पोषण हो सके। ये दान जरूरतमंदों तक पहुंचान की जिम्मेदारी पूर्व मप्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य एवं समाजसेविका रीना गुजराल को दीदी मां द्वारा स्वयं सौंपी गई है। रीना गुजराल नि:स्वार्थ भाव व पूर्ण समर्पण के साथ दिन रात सेवा में लगी हुई है। यही वजह है कि उसने अकेले दम पर महज एक माह में 600 से अधिक दानवीरों को खोज निकाला और उन्हें गौ पात्र की सेवा करने का अवसर प्रदान किया है।


साध्वी का प्रकल्प, सेविका का संकल्प

रीना गुजराल ने बताया कि यह उनका एक संकल्प है और साध्वी ऋतंभरा दीदी का प्रकल्प। दीदी मां द्वारा बेसहारा, अनाथ नवजात व कम उम्र के बच्चों सहित परित्यक्ता महिलाओं व वृद्धाओं को अनाथालय के बजाये उन्हें परिवार देने का प्रकल्प वात्सल्य ग्राम के रूप में वृंदावन में चलाया जा रहा है। जहां नानी, मौसी को पांच बच्चों को पालने की जिम्मेदारी दी जाती है। दुधमुंहे व छोटे बच्चों को दूध पिलाने के लिए वात्सल्य ग्राम में गौ शाला भी बनाई गई है। जिसका खर्च वहन करने गौ पात्र सेवा दीदी मां ने शुरू की गई।


32 से शुरू हुई आज 600 की संख्या

शहर सहित प्रदेश में गौ पात्र वितरण एवं उनसे मिलने वाली राशि का कलेक्शन करने की जिम्मेदारी उनके पास है। एक महीने पहले मात्र 32 लोगों को पात्र दिए थे। जब लोगों को इनका पता चला तो वे स्वयं सपर्क करने लगे और आज तक 600 से अधिक गौ पात्र शहर के विभिन्न क्षेत्रों में वितरित किए जा चुके हैं। इनसे मिलने वाले पैसे की रसीद दी जाती है। ताकि किसी को भी अपने पैसे का दुरुपयोग होने की आशंका न रह जाए।

लोग खुद मांगने लगे है

गौ पात्र देखने में सुंदर तो हैं हीं साथ में यह दान का एक जरिया भी है। शहर के लोग अब स्वयं मांगने लगे हैं। करीब सौ लोगों ने गौ पात्रों की बुकिंग करा रखी है। जो कि वृंदावन से मंगवाए गए हैं। पात्र आते ही उनका वितरण शुरू कर दिया जाएगा। क्योंकि गौ पात्र केवल वहीं बनाए जाते हैं और संख्या के अनुसार वितरित भी किए जाते हैं।

बच्चों को दी जाती है शिक्षा दीक्षा

गुजराल के अनुसार वात्सल्य ग्राम में बच्चियां सबसे ज्यादा हैं। यहां रहने वाले बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा दिलाई जाती है। शिक्षा दीक्षा से लेकर उनके पालन पोषण की जिम्मेदारी दीदी मां ने ले रखी है। हम वहां केवल सेवक के रूप में काम करते हैं। कई बच्चे इंजीनियरिंग, डॉक्टर व अन्य आधुनिक शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जिनका पूर्ण खर्च दीदी मां के शिष्यों, सहयोगियों व गौ पात्र सेवा जैसी सेवाओं से वहन किया जा रहा है।


देखें प्रकल्प की जानकारी देता वीडियो-




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