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किसान आंदोलन को देखते हुए कारोबारियों ने जताई चिंता, कहा!

पांच फीसदी तक महंगी हो जाएगी सब्जी

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किसान आंदोलन को देखते हुए कारोबारियों ने जताई चिंता, कहा!

भोपाल। किसान आंदोलन को देखते हुए हरी सब्जियों की किल्लत हो सकती है। इस समय भीषण गर्मी के चलते हरी सब्जियों की तुड़ाई कम हो रही है। ऐसे में यदि किसान आंदोलन से व्यवधान आता है तो राजधानी में सब्जियों की कमी हो जाएगी। कारोबारियों का कहना है कि हरी सब्जियों का स्टॉक नहीं किया जाता।

थोक सब्जी कारोबारी राजेन्द्र कुमार सैनी का कहना है कि गर्मी के कारण बाहर की सब्जियों की आवक स्थानीय मंडी में कम हो गई है। लोकल की सब्जियों की आवक हो रही है। मंडी में पत्ते वाली सब्जियों की आवक काफी कम हो गई है, जबकि गिलकी, करेला, परमल, फूलगोभी, लौकी, टमाटर की आवक भी कम हो गई है।

सब्जी कारोबारी मो. सलीम बताते हैं कि किसान आंदोलन होता है तो सब्जियों की आवक पर असर होगा और सब्जियां 2 से 5 फीसदी तक महंगी हो जाएगी। इस समय हरी सब्जियों की आवक करीब दो हजार क्विंटल के आसपास है। मंडी में इस समय तरबूज, खरबूज, आम, ककड़ी की भरमार है। कारोबारियों का कहना है कि किसान आंदोलन की स्थिति को देखते हुए फल-सब्जियों का लदान किया जाएगा।

मंडी में आलू यूपी लाइन से आ रहा है, जबकि आम की आवक यूपी एवं साउथ से हो रही है। प्याज की आवक भोपाल जिले के अलावा राज्य के दूसरे जिलों से भी यहां हो रही है। किसान आंदोलन होता है तो सीजनली फल-सब्जियों की आवक पर खासा असर होगा। गर्मी से पहले ही आवक कम, हरी सब्जियों की होगी किल्लत, करीब 2 हजार क्विंटल हो रही है हरी सब्जियों की आवक

थोक मंडी में भाव रिटेल भाव इतना असर पड़ेगा

आलू 10/12 रु. 12/15 20
गिलकी 18/20 रु. 30/400 50/600
बेगन 8/10 रु. 18/200 25/30
पत्ता गोभी 8/10 रु. 20/250 30/35
फूलगोभी 18/20 रु. 30/400 40/50
ककड़ी 8/10 15/200 20/25
कद्दू 3/4 रु. 15/200 20/25
लौकी 8/10 रु. 15/200 20/25
टमाटर 8/10 रु. 15/200 30/40
नोट: थोक एवं रिटेल कारोबारियों से प्राप्त भाव रुपए में।

पाउडर से दूध बनाना होगा

किसान आंदोलन का असर भोपाल में दूध संकट के तौर पर हो सकता है। शहर में सांची समेत अन्य उत्पादों और खुले दूध की मांग रोजाना करीब छह लाख लीटर है। सांची का भोपाल दुग्धसंघ करीब 1700 समितियों से साढ़े चार लाख लीटर दूध एकत्रित कर रहा है। किसान आंदोलन से संघ को दूध की आवक घटेगी और आपूर्ति में दिक्कत आ सकती है। खुला दूध करीब दो लाख लीटर बिकता है, उसपर भी असर होगा। हालांकि दुग्धसंघ कुछ दिन तक तो पाउडर से दूध बनाकर सप्लाई कर सकता है, लेकिन ये भी तीन से चार दिन तक ही, इससे अधिक समय तक हड़ताल चली और दूध नहीं आया तो फिर परेशानी होगी।