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वीरेन्द्र खटीक ने ली प्रोटेम स्पीकर की शपथ, नए सांसदों को दिलाएंगे शपथ; जानें क्यों चुना जाता है प्रोटेम स्पीकर

संसद सत्र से पहले पीएम मोदी ने कहा- सरकार की आलोचना से लोकतंत्र मजबूत होता है उन्हों विपक्ष से अपील करते हुए कहा- पक्ष और विपक्ष में संसद को नहीं बांटे। सत्र के पहले दिन सभी नए सांसदों को शपथ दिलाई जाएगी।

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भोपाल

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Pawan Tiwari

Jun 17, 2019

Virendra Kumar

वीरेन्द्र खटीक ने ली प्रोटेम स्पीकर की शपथ, नए सांसदों को दिलाएंगे शपथ; जानें क्यों चुना जाता है प्रोटेम स्पीकर


भोपाल. मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ से सांसद वीरेन्द्र कुमार खटीक ने सोमवार को प्रोटेम स्पीकर की शपथ ग्रहण की। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वीरेन्द्र कुमार खटीक को प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई। इस दौरान पीएम मोदी भी वहां मौजूद थे। वीरेन्द्र कुमार खटीक लगातार सातवीं बार सांसद पहुंचे हैं। वीरेंद्र कुमार खटीक दलित समुदाय से आते हैं और लो प्रोफाइल नेता के तौर पर उनकी पहचान रही है। वीरेंद्र कुमार सागर जिले के रहने वाले हैं। वह 4 बार सागर लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हो चुके हैं। पीएम मोदी के पहले कार्यकाल में वो केन्द्रीय राज्य मंत्री भी थे।


नए सांसदों को दिलाएंगे शपथ
17वीं लोकसभा का पहला सत्र आज से शुरू हो रहा है। यह सत्र आज से 26 जून तक चलेगा। सत्र के पहले दिन सभी सांसदों को प्रोटेम स्पीकर शपथ दिलाई जाएगी। प्रोटेम स्पीकर वीरेन्द्र खटीक नए चुने गए सांसदों को वह सदन की सदस्यता की शपथ दिलाएंगे।

क्या होता है प्रोटेम स्पीकर
प्रोटेम स्पीकर को लोकसभा का अनियमित स्पीकर माना जाता है। लोकसभा में स्थाई स्पीकर की नियुक्ति से पहले कामकाज को संभालने के लिए प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया जाता है। प्रोटेम स्पीकर सदन के सबसे सीनियर सदस्य को बनाया जाता है। प्रोटेम स्पीकर ही सदन में नए चुनकर आए सदस्यों को शपथ दिलाते हैं। मौजूदा लोकसभा में सबसे सीनियर नेता के तौर पर भाजपा के संतोष गंगवार और मेनका गांधी हैं। दोनों नेता आठवीं बार लोकसभा पहुंचे हैं। संतोष गंगवार को केन्द्रीय मंत्री बनाया गया है।

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला मानसून सत्र
लोकसभा का पहला सत्र 17 जून से शुरू होगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली नई सरकार अपना पहला बजट पांच जुलाई को संसद में पेश करेगी। संसद का यह सत्र 40 दिनों तक चलेगा और और इसमें 30 बैठकें होंगी। सत्र के पहले दो दिन नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। वहीं, 19 जून को लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा।