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इन्फ्लुएंजा फ्लू: रेस्पिरेटरी सिस्टम पर अटैक करता है वायरस, चीन में फैली फेफड़ों की बीमारी पर एमपी में भी अलर्ट

माइको प्लाज्मा निमोनिया, चिकित्सक बोले-डरें नहीं सतर्क रहें, बच्चों को कर रहा प्रभावित...श्वसन संबंधी इस बीमारी को लेकर केंद्र से लेकर राज्यों के स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गये हैं, बीते दिन पत्रिका ने भी बीमारी को लेकर सतर्क किया था, जिसके बाद मप्र स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर दी है...

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कोरोना महामारी के जनक देश चीन में एक और बीमारी कहर बरपा रही है। श्वसन संबंधी इस बीमारी को लेकर केंद्र से लेकर राज्यों के स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गये हैं। बीते दिन पत्रिका ने भी बीमारी को लेकर सतर्क किया था। जिसके बाद मप्र स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर दी है। इसमें कहा गया कि पैनिक या डरने की जरूरत नहीं है। बस कोरोना नियमों का पालन करें और सतर्क रहें। सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने कहा है कि एडवाइजरी में अस्पतालों में समुचित व्यवस्थाएं रखने के लिए आदेश दिए गए हैं। सर्द मौसम और बीच-बीच में होने वाली बारिश से इन्फ्लुएंजा और सांस से जुड़ी बीमारी बढती हैं। इन सभी पर खास मॉनिटरिंग करने के लिए अधिकारियों को विभाग ने निर्देश दिए हैं।

कोरोना महामारी के बाद चीन में फैलने वाली हर बीमारी कोरोना की याद दिलाती है। चीन में माइको प्लाज्मा निमोनिया इस समय कहर बरपा रही है। हालांकि, हमें इससे डरने की नहीं बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। रेस्पिरेटरी संबंधी इस बीमारी को लेकर केंद्र सरकार के साथ ही दिल्ली, राजस्थान, छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों में एडवाइजरी जारी हो चुकी है। हालांकि, मध्यप्रदेश में अभी कोई एडवाइजरी जारी नहीं हुई। लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इससे डरने की जरूरत नहीं है। क्योंकि यहां इसका ज्यादा प्रभाव नहीं होगा।

माइको प्लाज्मा निमोनिया संक्रमण के लक्षण (Symptoms of Myco Plasma Pneumonia Infection)

- बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द और थकान

ऐसे होती है जांच

- संक्रमण के लक्षणों के बाद छाती के एक्स-रे से जांच, ब्लड टेस्ट से पहचान।

बचाव के उपाय

नियमित हाथ धोएं, मास्क लगाएं, घर व कार्य स्थल पर अच्छा वेंटिलेशन रखें।

एक्सपर्ट कहते हैं

माइको प्लाज्मा निमोनिया से डरने की जरूरत नहीं है। क्योंकि हमारे यहां के बच्चे कोरोना से लेकर कई तरह के वायरस झेल चुके हैं। इसलिए उनमें वायरस के प्रति रोग-प्रतिरोधक क्षमता है। निमोनिया के कई म्यूटेंट से भी बच्चे प्रभावित हो चुके हैं। इसलिए कोई खास असर नहीं होगा। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है बचाव न करें। क्योंकि वायरस कभी भी म्यूटेट हो सकता है। इसलिए 8-12 साल के बच्चों का विशेष ध्यान रखें।

श्वसन संबंधी माइको प्लाज्मा निमोनिया बीमारी उत्तर-पूर्वी चीन में फैली है। चपेट में बच्चे हैं। बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं भी इससे बीमार हो रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार माइको प्लाज्मा निमोनिया सामान्य संक्रमण है। यह 18 साल से छोटी आयु के बच्चों को ज्यादा प्रभावित करती है। संक्रमित व्यक्तियों के खांसने, छींकने से फैलती है।

भोपाल और प्रदेश में एक-दो दिनों में माइको प्लाज्मा निमोनिया को लेकर एडवाइजरी जारी हो सकती है। लेकिन, किसी को डरने की जरूरत नहीं है। अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्थाएं हैं। बच्चों को पौष्टिक व उचित आहार दें। साथ ही खेलकूद के लिए प्रेरित करें। ताकि इम्युनिटी बनी रहे।

- डॉ. प्रभाकर तिवारी, सीएमएचओ, भोपाल

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