
Vistadome coaches
भोपाल। रेलवे के आधुनिक यात्री कोच विस्टाडोम को जनशताब्दी एक्सप्रेस से निकालकर आरकेएमपी से जबलपुर जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस में लगाने की तैयारी है। जनशताब्दी शाम 5.45 बजे जबलपुर के लिए रवाना होती है। जब तक ये ट्रेन जंगल और पहाड़ी इलाके में पहुंचती है, तब तक अंधेरा हो जाता है, जिससे यात्री जबलपुर तक का 230 रुपए का सामान्य टिकट 1450 में लेना घाटे का सौदा समझ रहे हैं। जनशताब्दी के मुकाबले इंटरसिटी सुबह 5.30 बजे आरकेएमपी से जबलपुर के लिए इसी रास्ते से जाती है। सुबह-सुबह खूबसूरत नजारे दिखाकर पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद में भोपाल रेल मंडल ये नए प्रयोग की तैयारी में हैं। विस्टाडोम कोच में 44 यात्री सफर कर सकते हैं, जिसे पर्याप्त यात्री नहीं मिल रहे हैं, जिससे रेलवे कोच को दूसरी ट्रेन में लगाने पर विचार कर रहा है।
महंगे टिकट में ये मिलेंगी सुविधाएं
विस्टाडोम कोच की बाहरी दीवारें व छत का कुछ हिस्सा कांच से बना हुआ है। जिसमें से बाहर के नजारे को दूर तक देखा जा सकता है। कुर्सियां सुविधाजनक हैं, जिन्हें सहूलियतों के हिसाब से घुमाया जा सकता है। कोच में एक कैबिन है, जिसमें यात्री खड़े रहकर प्राकृतिक दृश्य को निहार सकते हैं। सामान रखने के लिए अलग कंपार्टमेंट है। दो-दो एलईडी टीवी लगे हैं। मनोरंजन, स्वल्पाहार की भी व्यवस्था है।
वापसी में विस्टाडोम खाली
जबलपुर रेलवे स्टेशन से यही जनशताब्दी ट्रेन प्रतिदिन सुबह 6 बजे चलती है, जो करीब 11 बजे रानी कमलापति पहुंच जाती है। इस ट्रेन को रोजाना नौकरी-पेशा और अप-डाउन करने वाले अच्छे-खासे यात्री मिलते हैं लेकिन पर्यटन की दृष्टि से विस्टाडोम कोच को कम ही यात्री मिलते हैं। कुछ यात्रियों का अनुभव है कि यह ट्रेन जबलपुर से भी तड़के ही रवाना हो जाती है, यदि सुबह आठ बजे के बाद रवाना होती है तो विस्टाडोम कोच में सफर करने में ज्यादा सहूलियत होती।
Published on:
12 Sept 2022 12:34 pm
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