5 अगस्त 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Bhopal news: 50% बच्चों में ‘विटामिन डी’ की मिली कमी, पैरेंट्स इग्नोर न करें ये 6 लक्षण

Vitamin D deficiency: जंक फूड, स्क्रीन टाइम और धूप से दूरी के कारण कैलोरी तो पर्याप्त है, लेकिन जरूरी पोषक तत्वों की कमी से बच्चों में खतरा बढ़ रहा है।
2 min read
Google source verification
Vitamin D deficiency: अस्पतालों में कुपोषण प्रभावित बच्चों की संख्या बढ़ी (Photo Source- freepik)

Vitamin D deficiency: अस्पतालों में कुपोषण प्रभावित बच्चों की संख्या बढ़ी (Photo Source- freepik)

Bhopal news: एमपी के भोपाल शहर में सरकारी और निजी अस्पतालों में ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ रही है जो देखने में स्वस्थ और हृष्ट-पुष्ट लगते हैं, लेकिन जांच में उनमें विटामिन-डी, आयरन और विटामिन-बी12 की कमी मिल रही है। जेपी और हमीदिया सहित अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में जाने वाले आधे बच्चों में ये कमियां पाई जा रही है। बाल रोग विशेषज्ञ इसे 'हिडन हंगर' यानी छिपा कुपोषण बता रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. धीरज शुक्ल का कहना है कि जंक फूड, स्क्रीन टाइम, शारीरिक गतिविधि में कमी और धूप से दूरी बच्चों की शारीरिक विकास प्रभावित हो रही है और उनके स्वास्थ्य संबंधित गंभीर चुनौतियां बढ़ने का खतरा बढ़ रहा है। राष्ट्रीय और भोपाल आधारित अध्ययन भी इस खतरे की पुष्टि कर रहे है।

कैलोरी भरपूर, पोषण अधूरा

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीयूष पंचरत्न के अनुसार बच्चे पेट भरने लायक कैलोरी तो ले रहे हैं, लेकिन शरीर को जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व नहीं मिल रहे। पैकेज्ड फूड, मीठे पेय और फास्ट फूड के बढ़ते सेवन से यह समस्या तेजी से बढ़ रही है।

अध्ययन ने बढ़ाई चिंता

भोपाल आधारित अध्ययन में शहरी आबादी के 91.6 प्रतिशत लोगों में विटामिन-डी की कमी मिली, इनमें 49 प्रतिशत बच्चें थे। यह ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक है। हालही में 10 शहरों के 2,428 स्कूली बच्चों पर हुए राष्ट्रीय अध्ययन में 49.4 प्रतिशत बच्चों में आयरन, 39.7 प्रतिशत में विटामिन-डी और 33.4 प्रतिशत में विटामिन बी12 की कमी पाई गई, जिनमें भोपाल भी शामिल है। भोपाल के सरकारी स्कूलों में हुए अध्ययन भी किशोरों में आयरन की कमी और एनीमिया की चुनौती की ओर संकेत करते हैं।

इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

बार-बार थकान, हीमोग्लोबिन कम होना, पढ़ाई में ध्यान न लगना, हड्डियों या पैरों में दर्द, बार-बार संक्रमण और चिड़चिड़ापन ऐसे लक्षण हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लंबे समय तक कमी रहने पर एनीमिया, कमजोर हड्डियां, रोग प्रतिरोधक क्षमता में गिरावट और मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है।

विटामिन डी की कमी से होती हैं ये परेशानियां

विटामिन डी की कमी से शरीर में हड्डियों का कमजोर होना, मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन, हर समय अत्यधिक थकान, और रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) का घटना जैसी परेशानियां होती हैं। लंबे समय तक कमी रहने पर बच्चों में रिकेट्स (सूखा रोग) और वयस्कों में ऑस्टियोपोरोसिस या हड्डियों में फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।