
दतिया में 900 पदों पर नए चेहरों को मौका देगी बीजेपी - photo source Patrika.com
MP BJP - दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी में जहां हाहाकार मचा है वहीं पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं के लिए नया मौका भी बना है। प्रदेश नेतृत्व ने प्रत्याशी आशुतोष तिवारी सहित सभी संबंधित नेताओं को भोपाल बुलाकर बातचीत की और दो सदस्यीय समिति बनाई। समिति की रिपोर्ट पर दतिया जिले की पूरी टीम हटा दी। दतिया जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह, उपाध्यक्ष पंकज सहित सभी बड़े नेताओं को पदच्युत कर दिया गया। अब जिले की नई टीम गठित की जाएगी। इसमें संगठन के प्रति समर्पित नए चेहरों को अहम दायित्व दिए जाएंगे।
बीजेपी ने कड़ा कदम उठाते हुए दतिया जिले की बीजेपी की पूरी टीम हटा दी। जिलाध्यक्ष सहित दतिया के सभी बड़े नेताओं को हटा दिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने जिला कार्यकारिणी, सभी मोर्चा, मंडल, प्रकोष्ठ आदि भंग कर दिए। जिलेभर के 900 से ज्यादा पार्टी पदाधिकारियों से उनके पद छीने गए हैं।
दतिया बीजेपी में नरोत्तम मिश्रा समर्थकों की बहुतायत थी। उनपर भितरघात के आरोप हैं। यही कारण है दतिया जिले की पूरी टीम ही हटा दी गई है। अब नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति होगी। जिला कार्यकारिणी, मोर्चा, प्रकोष्ठोें में भी नए चेहरे आएंगे।
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और सीएम मोहन यादव सहित करीब 2 दर्जन नेताओं ने दतिया में हार की समीक्षा के लिए दो सदस्यीय विशेष समिति बनाई। प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे और वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा की समिति को यह जिम्मेदारी सौंपी है।
समिति की रिपोर्ट के आधार पर दतिया भाजपा जिला कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया। सभी मंडल-मोर्चा-प्रकोष्ठ- प्रकल्प सदस्यों को हटा दिया गया है। बता दें कि दतिया जिला अध्यक्ष रघुवीर शरण कुशवाह ने नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिए जाने पर त्यागपत्र दे दिया था।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में जीत के लिए बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। सत्ता- संगठन के हरसंभव प्रयास के बावजूद कांग्रेस भारी पड़ी। उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह को 66757 वोट मिले जबकि बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 60741 वोट प्राप्त हुए। इस तरह कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने बीजेपी के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6016 वोटों से हरा दिया।
दतिया सीट पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को भ्रष्टाचार के मामले में सजा मिलने के बाद खाली हुई थी। यह सीट कांग्रेस के पास ही थी। इस प्रकार उपचुनाव में कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार बीजेपी पर जीत दर्ज की। दतिया विधानसभा उपचुनाव में सत्ताधारी बीजेपी की हार के पीछे कई वजहें रहीं पर भितरघात को सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है। यही कारण है कि सत्ता और संगठन के वरिष्ठ नेता ताबड़तोड़ कार्रवाई में जुट गए हैं।
सीएम हाउस में सोमवार को बैठक बुलाई गई जिसमें 2 सदस्यों की कमेटी बनाकर भितरघातियों का पता लगाने का काम सौंपा गया। बैठक में खासतौर पर इस बात पर मंथन किया गया कि आखिर ऐसी क्या वजह रही कि 15 राउंड की काउटिंग में सिर्फ तीन राउंड (पहले, पांचवें और चौदवें) में ही भाजपा को बढ़त मिली। क्या कांग्रेस इतनी मजबूत स्थिति में थी। और अगर थी तो इसकी भनक पार्टी नेताओं को क्यों नहीं लगी। सीएम हाउस में समीक्षा बैठक में सीएम मोहन यादव, प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा व अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
Updated on:
05 Aug 2026 10:33 am
Published on:
05 Aug 2026 10:32 am
