
PMT घोटाला : पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर अमरीश शर्मा ने किया सरेंडर
भोपाल। मध्यप्रदेश में हुए व्यापम घोटाले के तहत मंगलवार को भोपाल की अदालत में एक रसूख़दार आरोपी अमरीश शर्मा ने सरेंडर कर दिया है। वे एक निजी मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर और पीएमटी 2012 घोटाले में आरोपी हैं।
इस मामले में उनके ससुर और कॉलेज के चेयरमैन सुरेश विजयवर्गीय भी आरोपी हैं। जिन्होंनें करीब पांच महीने पहले स्ट्रेचर पर अदालत में सरेंडर किया था। उस दौरान अदालत ने पीएमटी 2012 के इस घोटाले में कुल 200 आरोपियों के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया था। यह मामला 292 मेडिकल सीटों से जुड़ा है। इन सीटों पर ऐसे स्टूडेंट्स को एडमिशन मिला था, जिन्होंने एमबीबीएस कोर्स के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा प्री-मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) दी ही नहीं थी।
वहीं 22 नवंबर 2017 को देर रात तक सीबीआई की अदालत में चली सुनवाई के बाद निजी मेडिकल काॅलेजों के संचालकों समेत 30 आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। 592 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किए गए थे।
दरअसल मध्य प्रदेश के प्री-मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) पास कराने का ठेका लेने वाला गिरोह परीक्षार्थियों के रोल नंबर बदलवा देता था। इस बात का खुलासा साल 2012 की पीएमटी के दस्तावेजों से हुआ था। उस साल परीक्षा में 40 हज़ार परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 700 परीक्षार्थियों के के रोल नंबर बदल दिए गए थे। वहीं दावा किया गया था कि उनमें से 300 से ज्यादा परीक्षार्थियों का चयन भी हो गया, जिनमें से 150 छात्रों ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लिया।
वहीं निजी मेडिकल कॉलेजों पर आरोप है कि इन्होंने व्यापमं अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से राज्य सरकार के कोटे की सीटों पर भी सेंधमारी की और कुल 292 ऐसे स्टूडेंट्स को प्रवेश दिया, जो पीएमटी में बैठे भी नहीं थे। ये सीटें 50 लाख से एक करोड़ रुपए में बेची गई थीं।
वहीं मामले के खुलने पर व्यापमं घोटाले की जांच के दौरान 48 लोगों की मौत हो चुकी है। इस मामले में चिरायु मेडिकल कॉलेज के चैयरमैन डॉ. अजय गोयनका, डॉ. डी.के. सत्पथी, पीपुल्स ग्रुप के डायरेक्टर कैप्टन अंबरीश शर्मा, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन डॉ. एसएन विजयवर्गीय, तत्कालीन ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. एनएम श्रीवास्तव, डायरेक्टर डॉ. अशोक नागनाथ और कुलपति डॉ. विजय कुमार आरोपी बनाए गए हैं।
दरअसल राज्य के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की 1,250 सीटों पर दाखिले के लिए व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) के जरिए हर साल पीएमटी होती है। इनमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों की आठ सौ और निजी मेडिकल कॉलेजों की साढ़े चार सौ सीटें (आधी सीटें) शामिल हैं। वहीं निजी मेडिकल कॉलेजों की शेष सीटों को डीमेट के जरिए भरा जाता था।
Published on:
31 Jul 2018 09:39 pm
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