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हम न चौहान के हैं न नाथ के, हम सिर्फ किसान के हैं- शिव कुमार कक्काजी

- किसान- मजदूरों के हक के लिए 5000 किमी की यात्रा का आगाज - संपूर्ण कर्जमाफी, राजस्व प्रकरणों का निराकरण और मुकदमों की वापसी प्रमुख मांगे

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भोपाल@प्रदेशभर के किसान और मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने मोर्चा खोल दिया है। किसानों की संपूर्ण ऋणमुक्ति सहित 166 मांगों को लेकर राजधानी भोपाल के अटल पथ से यात्रा का आगाज किया गया है। इस दौरान देशभर के 13 राज्यों के किसान प्रतिनिधियों ने हरी झंड़ी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। बता दें यात्रा में शामिल हुए वाहनों को शहीद रथ का नाम दिया गया है। जो अगले 40 दिनों में 5000 किमी का सफर तय करेंगे। इस दौरान प्रदेश के 15 जिलों में किसान सम्मेलन भी आयोजित होंगे।

गोलीकांड की रिपोर्ट को सार्वजनिक करे सरकार

यात्रा के आगाज से पहले आयोजित हुई संगोष्ठी में देशभर के किसान प्रतिनिधियों ने किसानों की समस्याओं पर मंथन किया। साथ ही लखीमपुर खीरी में 3 अक्टूबर को शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजली दी। इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा 'अराजनैतिक' के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा कक्काजी ने बताया कि 7 मई 2012 को जिला रायसेन के तहसील मुख्यालय बरेली में गोलकांड हुआ था। इस गोलीकांड की जांच रिपोर्ट सरकार ने दबा रखी है। जिस जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए। इसी तरह 6 जून 2017 को मंदसौर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस द्वारा गोली चलाने से 5 किसानों की मौत हो गई। एक किसान की पुलिस कस्टडी में मौत हुई। शहीद हुए 6 किसानों को लेकर गठित जैन आयोग की रिपोर्ट को सरकार सार्वजनिक करे। साथ ही आंदोलनों में किसानों पर दर्ज हुए मुकदमें वापस लिए जाए।


कांग्रेस- भाजपा दोनों से मजबूती से लड़े

शिव कुमार कक्काजी ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि जो आप ये यात्रा निकाल रहे हैं ये कांग्रेस की है। तो उन्हें मैं बता दूं हम कांग्रेस से 72 में लड़े। उन्होंने हमें 36 बार जेल भेजा। और सिर्फ कांग्रेस ने नहीं बल्कि जनता पार्टी और भाजपा ने भी हमें जेल में डालने का काम किया है। क्योंकि हम किसानों की जायज मांगों को लेकर जा रहे हैं। इसलिए सत्ता हम पर विपक्ष के साथ होने का सील लगा देती है। हम न नाथ के हैं न चौहान के हैं हम सिर्फ किसानों के है।

ये हैं यात्रा की प्रमुख 05 मांगे

- अमानक बीज, कीटनाशक और खाद बिक्री करने वालों पर कठोर कार्यवाही।
- कर्ज के दलदल में फंसे किसान की संपूर्ण ऋण मुक्ति
- प्रदेश में लंबित 16 लाख से अधिक राजस्व प्रकरणों का निराकरण।
- गूगल मैप की सहायत से किए जा रहे जमीन नपाई की विसंगतियां दूर हों।
- किसानों पर दर्ज मुकदमों की तत्काल वापसी।