
भोपाल Bhopal / मध्यप्रदेश madhya pradesh की राजधानी Bhopal सहित प्रदेश के कुछ जिलों में मंगलवार को ठंड से कुछ राहत weather Forecast Today महसूस की गई। सुबह के समय आसमान में छाए बादलों ने जहां तापमान temperature में इजाफा किया,वहीं कोहरे fogg ने कई शहरों को अपनी चपेट में लिए रखा।
आसमान में बादलों clouds के चलते व तापमान temperature में कुछ बढ़ोतरी के चलते सुबह के समय भी कम ही ठंड cold महसूस की गई। वहीं बादलों के आसमान पर छाने से बारिश rain के आसार बने रहे। प्रदेश के कुछ जिलों में आज बारिश rain भी हुई।
वैसे भी इससे पहले ही मौसम विभाग India Meteorological Department नए साल पर बारिश व ओलावृष्टि Hail storm की संभावना दर्शा चुका है, जिसके चलते आज आसमान में बादलों ने डेरा डाले रखा।
भारतीय मौसम विभाग IMD weather के अनुसार, उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में 31 दिसंबर से लेकर 3 जनवरी तक बारिश city weather के आसार हैं। वहीं पूर्व और उत्तर पूर्वी भारत में 1 जनवरी से 3 जनवरी के बीच बारिश weather alert हो सकती है।
जानकारों की मानें तो भले ही नए साल की शुरुआत बारिश और ओलावृष्टि Hail storm से होने की संभावना है, लेकिन इसी के साथ एक राहत की खबर भी है, जानकारों की मानें तो मध्यप्रदेश madhya pradesh में राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में साल के पहले 7 दिन ठिठुरन भरी ठंड Cold hits से कुछ राहत मिलेगी।
इस दौरान धूप weather भी खिलेगी और तापमान temprature में भी इजाफा होगा। लेकिन सात जनवरी से तापमान फिर गिरेगा और ठिठुरन cold wave बढ़ेगी।
मौसम विभाग IMD के मुताबिक मंगलवार को जम्मू-कश्मीर Jammu and Kashmir की ओर से एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय Western disturbance active हो रहा है। जिसके चलते मध्यप्रदेश में शीतलहरों Cold wave का दौर में मंगलवार, 07 जनवरी 2020 के आसपास से दिखाई देने की संभावना है। वहीं अभी हवाओं की दिशा में कुछ परिवर्तन की भी संभावना है।
जानकारों की मानें तो एक जनवरी और दो जनवरी को दिन में हल्की बारिश Light rain के अलावा कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी संभावना है।
मौसम विभाग से रिटायर्ड हुए एके शर्मा के अनुसार उत्तर दिशा North direction से आने वाली हवा पहाड़ी क्षेत्रों Mountainous areas से आती है। इसमें नमी और ठंडक Moisture and coolness दोनों होती है। इसके ठीक उल्ट पूर्व दिशा से जब हवा आती है तो वह बंगाल की खाड़ी Bay of Bengal से आती है। यह अपेक्षाकृत गर्म एवं सूखी होती है।
राजधानी भोपाल bhopal में जो बादल अभी डेरा डाल रहे हैं, वे आने वाली ठंडी हवाओं को रोकने का काम करेंगे, साथ ही ठंड में इजाफे Cold rise को भी रोकेंगे। वहीं इसके बाद यानि बारिश के बाद जब आसमान खुलेगा sky will open तो एक बार फिर शीतलहर प्रदेश को अपनी जकड़ में ले सकती है।
जिसके चलते तापमान में गिरवट Temperature drop दर्ज की जाएगी और कड़ाके की सर्दी Hot winter एक बार फिर प्रदेश के विभिन्न जिलों में देखने को मिलेगी।
मौसम विभाग के मुताबिक 6 जनवरी को हवा फिर से उत्तर पश्चिमी Northwest Wind हो जाएगी। बर्फीली हवा icy wind से दोबारा शीतलहर cold wave चलेगी। जानकारों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ Western disturbance का असर गुरुवार से दिखाई देने लगेगा और अगले सात दिन तक थोड़ी राहत का दौर बना रहेगा।
इस दौरान ठंड से कुछ राहत Some relief from cold मिलेगी। लेकिन, यह राहत आंशिक होगी जो सात जनवरी से फिर खत्म हो जाएगी।
मध्यप्रदेश का मौसम weather of madhya pradesh ...
वहीं अगले दो दिनों तक मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश rain के साथ ओलावृष्टि hailstorm के संकेत मिलने शुरू हो गए हैं। आसमान sky में छाए बादल ये साफ संकेत देते दिख रहे हैं, कि जल्द ही शहर में व आसपास के क्षेत्रों में बारिश heavy rain हो सकती है। कुल मिलाकर नए साल यानि 2020 new year 2020 का स्वागत बारिश व ओलों से होगा।
इन दिनों पूरा प्रदेश कड़ाके की ठंड की चपेट में है। रविवार को शीतलहर से लोग कंपकंपा उठे। 1.2 डिग्री तापमान के साथ पचमढ़ी सबसे सर्द रहा। गुना में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी Icy Wind रही। तापमान 2.0 डिग्री दर्ज हुआ, जो 1991 से अब तक मौजूद रिकॉर्ड में सबसे कम है।
अशोकनगर में भी 2 डिग्री तापमान temprature रहा। यह 29 साल में सबसे कम है। अगले दो दिन मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा। इसके बाद कुछ जिलों में बारिश rain हो सकती है। कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं। भिंड में ठंड से एक व्यक्ति की मौत हो गई। विदिशा में 100 से अधिक मवेशियों ने दम तोड़ दिया।
देश का मौसम Weather of India : पहाड़ी क्षेत्र hills area तक मैदानी इलाकों से गर्म...
मध्यप्रदेश में 1 डिग्री सेल्सियस तक न्यूनतम तापमान minimum temperature पहुंच चुका है। वहीं दिल्ली में सोमवार को दिसंबर में सर्दी का 119 साल का रिकॉर्ड टूट गया है।
रविवार को राजस्थान के पांच शहरों में न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु Solidify point से नीचे रहा, जबकि हरियाणा के हिसार में कई दिनों से न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों का न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा है।
राजस्थान में माइनस तीन और झारखंड में भी 1 डिग्री सेल्सियस Degree Celsius तक न्यूनतम तापमान पहुंच चुका है। जबकि जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार दिन में गुनगुनी धूप Lukewarm sun निकल रही है। यह अलग बात है कि शाम को अचानक तापमान गिरने से ठंड तेजी से बढ़ जाती है।
जानकारी के अनुसार तेज गर्मी से निजात Get rid of high heat पाने के लिए भले ही मैदानी इलाकों के लोग शिमला, मसूरी और नैनीताल जैसी जगहों पर जाते हैं, लेकिन इन दिनों उन जगहों का न्यूनतम तापमान देश के कुछ प्रदेशों की कई जिलों से ज्यादा बना हुआ है।
Updated on:
01 Jan 2020 06:24 am
Published on:
31 Dec 2019 02:56 pm
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