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दिग्विजय ने अपने भाई लक्ष्मण को क्या दी नसीहत, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

कहा- मुख्यमंत्री के साथ लक्ष्मण की करीबी है तो सीधे बात कर लेना चाहिए

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Digvijay Singh

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- सार्वजनिक बयानबाजी के बजाय सीधे सीएम से बात करें
भोपाल. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस विधायक और अपने छोटे भाई लक्ष्मण सिंह को सार्वजनिक बयानबाजी न करने की नसीहत दी है। दिग्विजय ने मीडिया से कहा कि लक्ष्मण अनुभवी नेता हैं और उनके मुख्यमंत्री कमलनाथ से निकट संबंध भी हैं। लक्ष्मण को यदि कोई बात कहनी है तो वे सीधे मुख्यमंत्री बात करें। सार्वजनिक बयानबाजी करना उचित नहीं है। कमलनाथ मजबूत मुख्यमंत्री हैं, मजबूर मुख्यमंत्री नहीं। सरकार पूरे पांच साल चलेगी।
दरअसल, हाल ही में लक्ष्मण ने कहा था कि कमलनाथ को मजबूर मुख्यमंत्री जगह मजबूत मुख्यमंत्री बनना चाहिए। वहीं, अयोध्या मामले पर दिग्विजय ने कहा कि इस तरह के मसलों को कोर्ट पर छोड़ देना चाहिए। सभी ने कोर्ट के फैसले का सम्मान किया है, अब भाजपा और आएसएस को अयोध्या मामले से सीख लेते हुए सबरीमाला मामले में भी कोर्ट के फैसले को मानना चाहिए। सांसद प्रज्ञा ठाकुर के गांधी संकल्प यात्रा में शामिल न होने के सवाल पर दिग्विजय ने कहा कि इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सवाल करना चाहिए।

- भाजपा और संघ पर फिर साधा निशाना
दिग्विजय ने कहा कि भारत का इतिहास बदला जा रहा है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को बदनाम किया जा रहा है। भाजपा ने नेहरू-गांधी की छवि खराब करने की कोशिश की है। इस बारे में हमें सतर्क होने की जरूरत है। नेहरू के बारे में भाजपा नेताओं को कुछ मालूम नहीं, वे बस झूठ बोलते हैं, पता नहीं उन्होंने कौन सा इतिहास पढ़ा है। उन्होंने तल्ख अंदाज में कहा- नेहरू के कार्यक्रम में एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस के नेता नजर नहीं आ रहे, कहां हैं वे सब। डरो मत, लड़ाई लड़ो, जो भाजपा और संघ से डरा वो मरा। दिग्विजय ने अनुच्छेद 370, ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दों पर भी मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया।