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जानिए मरने के बाद आपके ‘बैंक अकाउंट’ का क्या होता है, क्या कहता है नियम ?

मृतक के बैंक अकाउंट को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है लेकिन, उसका उत्तराधिकारी अकाउंट से पैसे निकाल सकता है....

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bank account

भोपाल। बीते साल मार्च-अप्रैल के महीने में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं आज के डिजिटल युग में लगभग हर किसी के पास बैंक अकाउंट होता है। ऐसा माना जाता है कि किसी की मृत्यु के बाद उसके सारे वित्तिय चीजों की जिम्मेदारी उसके उत्तराअधिकारी की होती है। इन जिम्मेदारी में बैंकिग और इंश्योरेंस (Insurance) से जुड़े भी कई काम होते हैं। वहीं लोगों के मन में ये सवाल भी उठता है कि किसी की मृत्यु के बाद उसके बैंक अकाउंट का क्या करना चाहिए। अगर आपकी जानकारी में किसी व्यक्ति ने हाल ही में किसी अपने को खोया है तो उसके बैंक अकाउंट का क्या करना है। आज हम आपको बताते हैं क्या अकाउंट बंद करना चहिए या इसे किसी और के नाम पर ट्रांसफर किया जा सकता है।

- आपके बता दें कि जब भी बैंक में अकाउंट खुलवाया जाता है तो एक नॉमिनी भी तय किया जाता है। ये इसलिए किया जाता है कि यदि किसी दुर्घटना या किसी अन्य कारण से खाताधारक की मृत्यु हो जाती है, तो मृत व्यक्ति के खाते पर नॉमिनी का अधिकार होगा। खाते में रखे पैसे भी इसी नॉमिनी को मिल जाएंगे।

- वहीं बैंक खाते में अगर नॉमिनी न बनाया गया है तो बैंक अकाउंट होल्डर के कानूनी उत्तराधिकारी को अकाउंट का अधिकार देता है, लेकिन उसे सही डॉक्यूमेंट्स के जरिए खुद को अकाउंट होल्डर का लीगल वारिस साबित करना होता है। इसके लिए उसे कोई विल या उत्तराधिकार प्रमाण पत्र देना होगा। जिससे ये साबित होगा कि मरने वाले का पैसा उसे मिलना चाहिए।

- वहीं अगर मरने वाले व्यक्ति के साथ किसी का ज्वाइंट अकाउंट है तो ज्वाइंट अकाउंट खाताधारक आसानी से अकाउंट से पैसे निकाल सकता है। ऐसी स्थिति में मरने वाले व्यक्ति का नाम अकाउंट से हटाने के लिए उसके मृत्यु प्रमाण पत्र की एक कॉपी बैंक की ब्रांच में जमा करनी होगी। इसके बाद मृत व्यक्ति का नाम ज्वाइंट अकाउंट से हटा दिया जाएगा।

जानिए क्या होता है उत्तराधिकार प्रमाण पत्र

उत्तराधिकार प्रमाण पत्र एक ऐसा डॉक्यूमेंट है, जो मरने वाले व्यक्ति के वारिस को दिया जाता है। अगर मरने वाला कोई व्यक्ति कोई वसीयत ना छोड़कर ना गया हो। परिवार को उत्तराधिकार प्रमाण पत्र प्राप्त करना होता है, जो मृतक के कानूनी उत्तराधिकारी को प्रमाणित करता है। उत्तराधिकारी कानूनों के अनुसार वारिस संपत्ति का दावा करने का हकदार है। सभी प्रकार की अचल और चल संपत्ति, जैसे कि बैंक बैलेंस, सावधि जमा, निवेश, आदि का दावा करने के लिए प्रमाण पत्र अनिवार्य है।

कैसे बंद होता है मृतक का अकाउंट

मृतक के बैंक अकाउंट को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है लेकिन, उसका उत्तराधिकारी अकाउंट से पैसे निकाल सकता है. इसके बाद चाहें तो वह अकाउंट बंद कर सकता है. इसके लिए वह मृत व्यक्ति का नोटराइज्ड डेथ सर्टिफिकेट देना होगा. अगर अकाउंट में नॉमिनी है तो वह पैसे निकाल सकता है. उत्तराधिकारी को पैसे निकालने के लिए मृतक और अपने रिश्ते का प्रमाण सर्टिफिकेट देना होगा. इसके बाद पैसे निकालकर आप अकाउंट बंद करवा दें।