
क्यों बढ़ रही हैं युवाओं में गरबा डांस के प्रति रुचि
जानिए गरबा करने के क्या है फायदे
मेंटल हेल्थ में सुधार-
गरबा एक फुल बॉडी एक्सरसाइज है। इसमें जिन गानों का प्रयोग किया जाता है उन पर थिरकने से दिमाग में अच्छे हॉर्मोन्स निकलते हैं। इससे स्ट्रेस लेवल कम है। गरबा करने से मन को खुशी का अनुभव होता है। जो दिमाग के तनाव को कम करता है।
वेट लॉस करने में सहायक-
अगर आप लगातार 20 मिनट गरबा करते हैं तो करीब 250 से 300 कैलोरी बर्न हो जाती हैं। इससे वेट लॉस होना आसान हो जाता है। अगर इसे करीब 40 मिनट तक किया जाए तो करीब 500 कैलोरी तक बर्न की जा सकता है।
बॉडी होती है फ्लेक्सिबल-
गरबा में हाथ से पैर और कमर से सिर तक सब कुछ मूव होता है। गरबा बेहद आसान तरीके के किया जाता है इस वजब है बॉडी फ्लेक्सिबल होती है और जॉइंट में होने वाली समस्या भी दूर होती है।
मेमोरी होती है शार्प-
गरबा हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन 35 वर्ष से अधिक उम्र के लोग यदि सही तरीके से गरबा करें तो भूलने की बीमारी नहीं होती है। माना जाता है कि गरबा करने से मस्तिष्क में स्थित हिप्पोकैम्पस मस्तिष्क को नियंत्रित करता है और यादाश्त को बेहतर बनाता है।
कॉन्फिडेंस में बढ़ोत्तरी-
गरबा करने से मन शुद्ध और मांसपेशियों टोन होती है। साथ ही गरबा करने से कॉन्फिडेंस तो बढ़ता ही है चेहरे पर निखार भी आता है। गरबा एक ऐसा ड़ांस है जो व्यक्ति के अंदर पॉजिटिव एनर्जी को लाकर निगेटिव बातों से दूर रखता है।
दिल के लिए भी फायदेमंद-
गरबा डांस में कार्डियो भी शामिल होता है जिससे हृदय को स्वस्थ रखने में मदद होती है और फेफडे़ की क्रियाओं को बेहतर बनाता है जिसके व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी नहीं होती है।
यह एक फुल बॉडी एक्सरसाइज है। इसमें जिन गानों का प्रयोग किया जाता है उन पर थिरकने से दिमाग में अच्छे हॉर्मोन्स निकलते हैं, जिससे स्ट्रेस लेवल कम होता है। गरबा करने से खुशी का अनुभव होता है, जो दिमाग के तनाव को कम करता है। अगर लगातार 20 मिनट गरबा करेंगे तो 250 से 300 कैलोरी बर्न होगी। इससे वेट लॉस भी आसान हो जाता है। अगर इसे करीब 40 मिनट तक किया जाए तो करीब 500 कैलोरी तक बर्न कर सकते हैं।
पिंकी लालवानी , गरबा ट्रेनर
इससे मन शुद्ध रहता है और मांसपेशियां टोन होती है। साथ ही कॉन्फिडेंस लेवल भी बढ़ता ही। गरबा एक ऐसा डांस फॉर्म है जो व्यक्ति के अंदर पॉजिटिव एनर्जी लाकर निगेटिव एनर्जी से दूर रखता है। गरबा में कार्डियो एक्सरसाइज भी शामिल होती है जिससे हृदय को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है और फेफड़ों को बेहतर बनाता है। एक महीने तक गरबा प्रैक्टिस करने से 3 से 6 महीने तक फिट रहा जा सकता है, क्योंकि इससे ब्लड सर्कुलेशन रोलिंग में आ जाता है। इसके अलावा बीपी, शुगर व जोड़ों के दर्द में भी आराम मिलता है। हालांकि, डांस करते समय हील नहीं पहनना चाहिए, क्योंकि इससे ऐडी में सूजन आ जाती है, जो आपको 2 से 3 तीन दिन में नजर आती हैं। हमेशा नंगे पैर ही गरबा करना चाहिए।
अमित वर्मा, गरबा ट्रेनर
Updated on:
29 Aug 2022 12:18 pm
Published on:
29 Aug 2022 12:17 pm
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