
Order for re-investigation of complaints of closed CM helpline
अरुण तिवारी, भोपाल. प्रदेश की पिछली शिवराज सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट रही सीएम हेल्पलाइन-181 में अफसरों की दिलचस्पी नहीं रह गई है। अफसरों ने आम जन की शिकायतों में रुचि दिखाना बंद कर दिया। यही वजह है कि 298772 शिकायतें लंबित हैं। हेल्पलाइन के संचालक ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। सीएम हेल्पलाइन की तरफ से सभी विभागीय नोडल अधिकारियों को पत्र भेजा गया है, जिसमें शिकायतों को गंभीरता से लेकर निराकरण करने का निवेदन किया गया है। इनमें अधिकतर शिकायतें पिछले सात महीने में प्राप्त हुई हैं। यानी सरकार बदलने के बाद इन पर ध्यान नहीं दिया गया। पत्र के साथ अलग-अलग विभागों की लंबित शिकायतों की सूची भी भेजी गई है। सबसे ज्यादा लंबित शिकायतें 44775 राजस्व विभाग की हैं। 25 विभाग ऐसे भी हैं, जिनकी 1000 या इससे कम शिकायतें लंबित हैं।
- लंबित शिकायतें
विभाग - शिकायतें
राजस्व विभाग - 44775
पंचायत एवं ग्रामीण विकास - 41203
वित्त - 26215
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण - 25231
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति - 20926
नगरीय विकास - 19716
किसान कल्याण - 17719
स्कूल शिक्षा - 16468
ऊर्जा - 13535
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी - 11966
गृह - 10723
सामान्य प्रशासन - 6000
सहकारिता - 5942
महिला एवं बाल विकास - 5000
वन - 4831
सामाजिक न्याय - 4342
लोक निर्माण - 2788
चिकित्सा शिक्षा - 2666
आदिम जाति कल्याण - 2079
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण - 1748
जल संसाधन - 1698
उच्च शिक्षा - 1563
तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार - 1271
अनुसूचित जाति कल्याण - 1234
खनिज साधन - 1212
परिवहन - 1134
पशुपालन - 1094
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा - 1035
- शिवराज सरकार की फ्लैगशिप योजना
शिवराज सिंह चौहान ने तीसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद 2014 में सीएम हेल्पलाइन की शुरुआत की थी। इस योजना का मकसद एक कॉल पर लोगों को उनकी समस्याओं से निजात दिलाना था। लोग सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचें और घर बैठे उनकी समस्या का समाधान हो। सीएम हेल्पलाइन में गली-मोहल्ले से लेकर प्रदेश तक की शिकायतें की जा सकती हैं। इसमें सरकार के किसी भी विभाग से संबंधित समस्या को एक फोन कॉल कर दर्ज कराया जा सकता है। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद इसकी समस्याओं की निगरानी करते थे। उन्होंने सभी विभागों को ये निर्देश दिए थे कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को प्राथमिकता से हल किया जाए। समस्या का समाधान और शिकायतों का निराकरण होने पर आवेदनकर्ता को फोन पर मैसेज भेजकर सूचित किया जाता था। शिवराज ने लापरवाही बरतने पर कई अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित भी किया था।
- आम आदमी के लिए लोकप्रिय योजना
सीएम हेल्पलाइन आम आदमी के लिए मददगार साबित हुई, इसलिए लोकप्रिय भी हुई। यहां पर लोगों ने अपने मोहल्ले की सड़क न बनने से लेकर कुत्तों के आतंक और देर रात तक लाउड स्पीकर बजने की शिकायतें तक की। वहीं, महिलाओं ने अपनी सुरक्षा से संबंधित तो किसानों ने कर्ज मिलने में आ रही मुश्किलों को बताया। यहां पर विभागीय भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें भी आती रही हैं। यहां पर फोन लाइन ज्यादा होने के कारण लोगों को फोन व्यस्त होने की समस्या नहीं आती थी और एक बार में कॉल लग जाता था। यही कारण था कि सीएम हेल्पलाइन पर लोग छोटी से छोटी समस्या भी दर्ज करा देते थे।
सीएम हेल्पलाइन को हम गंभीरता से ले रहे हैं, प्रकरणों का निराकरण भी हो रहा है, कई शिकायतें एक से ज्यादा विभागों से संबंधित होती हैं इसलिए उनमें समय लगता है। - पीसी शर्मा, प्रवक्ता, मप्र सरकार
Published on:
29 Jun 2019 05:19 am
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