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सरकार रामपथ का लाएगी नया मॉडल, पीपीपी मोड पर बनेगा कॉरिडोर

- भाजपा फेल रही, अब कांग्रेस ने उठाया जिम्मा- धार्मिक, टूरिÓम व कॅमर्शियल मॉडल पर काम

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जितेन्द्र चौरसिया, भोपाल. प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने राम गमन पथ को विकसित करने के लिए नया मॉडल अपनाना तय किया है। इसके तहत रामपथ के दोनों ओर पीपीपी मोड पर कॉरिडोर बनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि रामपथ को केवल सरकारी स्तर पर विकसित नहीं किया जा सकता। पिछली भाजपा सरकार ने रामपथ निर्माण का दावा किया था, लेकिन कोई काम नहीं हो सका।
रामपथ के दोनों ओर कॉरिडोर बनाना तय किया गया है। इसके तहत जहां-जहां भगवान राम मध्यप्रदेश में गुजरे थे, वहां-वहां दोनों ओर जमीन चिन्हित करके विकास की योजनाएं बनेंगी। कॉरिडोर के दोनों ओर नई कॉलोनियां, बाजार, पर्यटन केंद्र, धार्मिक केंद्र आदि विकसित किए जा सकेंगे। वनवास के दौरान राम ने चित्रकूट के रास्ते वर्तमान मध्यप्रदेश में प्रवेश किया था और वे अमरकंटक होते हुए नर्मदा पार करके रामेश्वरम की ओर चले गए थे।

ये तीन मॉडल होंगे
1. धार्मिक केंद्र : रामपथ पर राम भगवान या अन्य धार्मिक महत्त्व के स्थानों को विकसित किया जाएगा। यह एक सर्कल के रूप में विकसित होगा, ताकि जो भी रामपथ पर जाए वह पूरे कनेक्टिंग प्लेस पर जा सके।
2. पर्यटन केंद्र : रामपथ पर धार्मिक केंद्रों को पर्यटन से जोड़ा जाएगा। ऐसे स्थान भी विकसित किए जाएंगे, जो पर्यटन की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण हो। इसमें प्राकृतिक, ऐतिहासिक व सामाजिक महत्त्व को उकेरते हुए स्थान विकसित किए जाएंगे।
3. कॅमर्शियल केंद्र : धार्मिक व पर्यटन केंद्रों के आस-पास कनेक्टेड तरीके से कॅमर्शियल जोन बनाए जाएंगे। इसमें बाजार, मनोरंजन के केंद्र, होटल-प्ले जोन, व्यावसाय के केंद्र और स्थानीय जरूरत के हिसाब से प्रोडेक्ट बेस्ड सेंटर होंगे। यह भी कोशिश होगी कि कॉरिडोर पर शहरों के समीप उपनगर व छोटी कॉलोनियां विकसित हो सके।

फंड जुटाने ये तीन मॉडल
1. सरकार सबसे पहले पीपीपी मोड को अपनाएगी। इसमें पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप के आधार पर चिन्हित केंद्र व स्थान के लिए अनुबंध हो सकते हैं। प्रोजेक्ट मंजूर होने के बाद इस पर काम होगा।
2. प्रोजेक्ट के फंड के लिए उद्योगों से भी मदद ली जाएगी। इसमें उद्योगों के सीएसआर फंड और छोटे उद्योगों को जोड़ा जाएगा। जो उद्योग इस कॉरिडोर में कॅमर्शियल एक्टिविटी करना चाहेंगे, उन्हें जमीन भी दी जाएगी।
3. सरकारी बजट के अलावा जनभागीदारी को इसमें जोड़ा जाएगा। इसमें स्थानीय प्रतिष्ठित लोगों को इस पथ पर काम करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसमें जमीन नीलाम करने या लीज पर देकर धन जुटाना भी शामिल है।
** ब्रांड राम : इंटरनेशनल ब्रांडिंग **
कांग्रेस सरकार रामपथ को लेकर बड़ी मार्केटिंग करेगी। दरअसल, भगवान राम को लेकर देश सहित पूरी दुनिया में मानने वाले लोग हैं। ऐसे में एनआरआइ को भी इससे जोडऩे का विचार है। रामपथ कॉरिडोर को वृहद पैमाने पर मार्केटिंग में अपनाया जाएगा, ताकि इंटरनेशनल पर्यटक भी इस ओर मुड़ सके। यह कॅमर्शियल मॉडल के तहत होगा।
- रामकथा के लिए बनेंगे हॉल
प्रदेश में रामपथ के आरंभ व अंत पर रामकथा के लिए बड़े हॉल बनाने की योजना है। इसमें भोजन से लेकर ठहरने तक के इंतजाम होंगे। यहां रामकथा होती रहेगी।
- भाजपा हो चुकी है फेल
राम के नाम पर सियासत करने वाली भाजपा ने भी रामपथ के विकास के खूब दावे किए थे। इसकी योजना बनाने की बात हुई थी, लेकिन काम नहीं हुआ। 2007 में भाजपा सरकार ने रामपथ विकसित करने का ऐलान किया था, लेकिन इसके लिए अंत तक महज एक हजार रुपए का बजट ही टोकन के रूप में अलॉट रहा। बाकी कोई काम नहीं हो सका। इसी कारण कांग्रेस ने अब इसके विकास का जिम्मा उठाया है।
- बड़ा सियासी दांव भी होगा
कांग्रेस रामपथ के जरिए बड़ा सियासी दांव भी खेलने जा रही है। आगामी समय में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव हैं। इसमें भी रामपथ को लेकर कांग्रेस अपने सॉफ्ट हिन्दुत्व के कार्ड खेलेगी। इसमें भाजपा को झूठा रामभक्त और कांग्रेस को स''ाा रामभक्त बताने का दांव हो सकता है।

भाजपा ने राम और रामपथ के नाम पर जनता को हमेशा धोखा दिया। हम रामपथ का विकास भी करेंगे और रामपथ पर चलेंगे भी। पीपीपी मोड पर इसका विकास होगा। इसमें इस रूट पर पौराणिक मंदिरों का भी विकास होगा। प्रारंभिक रूप से यह योजना मंजूर भी कर दी है।
- पीसी शर्मा, मंत्री, अध्यात्म विभाग