
Divorce
Divorce: समाज में तलाक का नाम सुनते ही अब बड़ी आम बात हो गई है। आए दिन इसे लेकर अलग-अलग तरह की खबरें सामने आती हैं। एमपी के भोपाल शहर में एक युवा आईटी पेशेवर जोड़े के बीच चार साल से चल रही कानूनी लड़ाई ने बड़ा रूप ले लिया है। पति से अलग रह रही पत्नी ने आपसी सहमति से तलाक के लिए पति से 50 लाख रुपए की मांग की है। दोनों की उम्र 30 के आसपास है। 2019 में शादी के बंधन में बंधने के बाद 2021 से अलग रह रहे हैं।
यह मामला तब शुरू हुआ जब महिला ने ससुराल वालों द्वारा कपड़ों, सामाजिक मेलजोल और स्वतंत्रता पर लगाए प्रतिबंधों पर आपत्ति जताई। वह अपनी पसंद के कपड़े पहनती और देर रात की पार्टियों में जाना चाहती थी और उन पेय पदार्थों का सेवन करना चाहती थी जो पति व परिवार को पसंद नहीं थे।
हालांकि सुलह की सभी उम्मीदें खत्म होने के बाद महिला भोपाल में ही रह रही है, जबकि उसका पति पुणे चला गया। पारिवारिक न्यायालय की परामर्शदाता शैल अवस्थी के मुताबिक महिला ने शुरुआत में आइपीसी की धारा 498ए (दहेज उत्पीड़न) और धारा 125 सीआरपीसी (भरण-पोषण) के तहत मामले दर्ज कराए थे, हालांकि दोनों ही खारिज कर दिए गए।
बाद में, उसने वैवाहिक अधिकारों की मांग और हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 9 के तहत अदालत का रुख किया, जबकि पति ने तलाक के लिए अर्जी दी। वहीं महिला का कहना है कि वह तलाक के लिए तभी राजी होगी जब उसे 50 लाख रुपए दिए जाएंगे। उसका दावा है कि वह बेरोजगार है, जबकि उसका पति कह रहा कि वह घर से काम कर रही है।
पारिवारिक न्यायालय की परामर्शदाता शैल अवस्थी ने बताया, हम अक्सर देखते हैं कि वैवाहिक विवादों को निपटाने के लिए एक पक्ष पैसे की मांग करता है। राशि आर्थिक स्थिति पर निर्भर करती है, लेकिन ऐसी मांगें अब आम हो गई हैं।
Updated on:
26 May 2025 12:52 pm
Published on:
26 May 2025 12:35 pm

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