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भोपाल में पुलिस से झूमाझटकी में महिला डिप्टी कलेक्टर के कपड़े फटे, Video

एमपी की राजधानी भोपाल में महिला डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे के कपड़े फट गए। वे न्याय यात्रा लेकर भोपाल आईं थीं और सीएम हाउस जा रहीं थीं लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। झूमाझटकी हुई तो उनके कपड़े फट गए। निशा बांगरे के हाथ में रखी बाबासाहब अंबेडकर की फोटो भी फट गई। निशा बांगरे ने चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दे दिया था पर सरकार ने इसे नामंजूर कर दिया था।

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भोपाल में महिला डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे के कपड़े फट गए

एमपी की राजधानी भोपाल में महिला डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे के कपड़े फट गए। वे न्याय यात्रा लेकर भोपाल आईं थीं और सीएम हाउस जा रहीं थीं लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। झूमाझटकी हुई तो उनके कपड़े फट गए। निशा बांगरे के हाथ में रखी बाबासाहब अंबेडकर की फोटो भी फट गई। निशा बांगरे ने चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दे दिया था पर सरकार ने इसे नामंजूर कर दिया था।

इसका विरोध करने निशा बांगरे पदयात्रा करते हुए भोपाल आई हैं। वे बैतूल जिले के आमला से भोपाल के लिए पैदल निकलीं और यहां आकर सीएम हाउस जा रहीं थीं कि पुलिस ने उन्हें रोक लिया। कांग्रेस के विधायक पीसी शर्मा, भोपाल के कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोनू सक्सेना भी उनके साथ थे। मोनू सक्सेना ने पुलिस पर निशा बांगरे के कपड़े फाड़ने का आरोप लगाया है।

बताया जा रहा है कि महिला पुलिसकर्मियों से झूमाझटकी में डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे के कपड़े फट गए। उनके हाथों में रखी बाबासाहब की फोटो भी फट गई। इधर पुलिस ने विधायक शर्मा और कांग्रेस नेता मोनू सक्सेना को हिरासत में ले लिया है। भोपाल में प्रदर्शन के पहले निशा बांगरे ने बोर्ड ऑफिस चौराहे पर अंबेडकर मूर्ति पर माला अर्पित की।

भोपाल में प्रदर्शन के दौरान निशा बांगरे ने कहा, राज्य सरकार ने मेरे साथ अन्याय किया है। मैं कई दिनों से सड़क पर ही हूं। न्याय यात्रा की शुरुआत करने के बाद मुझे मार डालने की धमकी दी गई।

निशा बांगरे छतरपुर जिले के लवकुशनगर में एसडीएम के पद पर थीं। छुट्‌टी नहीं मिलने के कारण उन्होंने नौकरी से ही इस्तीफा दे दिया पर लेकिन राज्य सरकार ने इसे मंजूर नहीं किया। इसके विरोध में बांगरे ने 28 सितंबर को पदयात्रा चालू की और 200 किमी पैदल चलकर भोपाल आईं।

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