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भोपाल. अब इंदौर में महिलाएं ई-रिक्शा चलाएंगे। इस पॉयलेट प्रोजेक्ट के तहत सरकार उनको खर्च के 40 फीसदी की आर्थिक मदद भी करेगी। शुरुआत में इंदौर-भोपाल में 50-50 ई-रिक्शा दिए जाएंगे। यदि यह प्रोजेक्ट सफल रहता है तो ग्वालियर-जबलपुर और उज्जैन में भी इसे लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को पॉलीटिकल कैबिनेट कमेटी की बैठक में इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी।
नगरीय प्रशासन विभाग ने भोपाल-इंदौर, जबलपुर-ग्वालियर व उज्जैन के लिए ई-रिक्शा का प्रस्ताव दिया था। सीएम ने कहा कि पहले इसे इंदौर में ही लागू करो। यदि वहां सफल रहता है तो उसे आगे बढ़ाएंगे।
- 5000 जमा करने पर मिलेगा ई-रिक्शा
महिलाओं के लिए लॉन्च की जा रही ई-रिक्शा योजना में हितग्राही को 1.07 लाख रुपए की बचत होगी। ई-रिक्शा की कीमत 2.10 लाख रुपए है। इसमें केंद्र सरकार 37 हजार रुपए का अनुदान दे रही है। मूल कीमत में से केंद्र का अनुदान घटाने के बाद राज्य सरकार 40 फीसदी अनुदान देगी। इस तरह महिला को ई-रिक्शा 1.03 लाख रुपए में मिलेगा। इसमें भी वह मात्र 5000 रुपए देकर बैंक से 98 हजार का लोन ले सकेंगी। इस पर मात्र 6 प्रतिशत ब्याज लगेगा।
- पीएम आवास के लिए नया कैंपेन
बैठक में पट्टे को लेकर चर्चा हुई तो पीएम आवास योजना की बात भी उठी। इसमें सामने आया कि पूरी योजना का श्रेण केंद्र सरकार ले जाती है, क्योंकि वहां से 60 फीसदी राशि मिलती है। प्रदेश सरकार 40 फीसदी राशि देती है, लेकिन श्रेय नहीं मिल पाता। इस पर कमलनाथ ने कहा कि जमीन भी राज्य की रहती है, लेकिन इसका श्रेय नहीं मिलता। अब प्रचार-प्रसार की ऐसी योजना तैयार हो कि केंद्र व राज्य दोनों को श्रेय मिल सके। इसके तहत अब पीएम व सीएम को श्रेय देने वाला ब्रांडिंग कैंपेन तैयार होगा।
- पैसा कम, किसान ज्यादा
किसान कर्जमाफी पर बात हुई तो अफसरों ने कहा कि बजट में 8000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसे बढ़ाना होगा। इस पर वित्त विभाग सहमत नहीं है। कमलनाथ ने कहा कि ऐसा फॉर्मूला अपनाओ कि यह 8000 करोड़ ही ज्यादा से ज्यादा किसानों को मिले। यानी दो लाख रुपए तक कर्ज वाले की बजाए कम राशि के कर्ज वाले किसानों को पहले फायदा दिया जाए। इस फॉर्मूले को अपनाने के सीएम ने निर्देश दिए।
Published on:
30 Jul 2019 05:27 am
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