कोटा। चंद्रेसल मठ के पास चंद्रलोई नदी के एनिकट से बहे एक 13 वर्षीय बालक को मगरमच्छ नदी में खींच ले गया। जानकारी मिलने पर क्षेत्र में हड़कम्प मच गया। बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे पहुंचे और प्रशासन को सूचना दी। लोगों ने अपने स्तर पर नदी में बालक को ढुढंने का प्रयास किया लेकिन कहीं पता नहीं चला। सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी व नगर निगम से गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। सर्च ऑपरेशन शुरू कर बच्चे की नदी में तलाशी की। निगम के गोताखोंरों ने ढाई घंटे तक नदी में मोटरबोट से बालक की तलाश की लेकिन रात तक उसका पता नहीं चल सका।
नगर निगम के गौताखोर विष्णु शृंगी ने बताया कि बालक मनीष भील अपने दो अन्य साथियों के साथ नदी में नहा रहा था। तभी अचानक वह एनीकट में बह गया। कुछ दूर उसे मगरमच्छों ने शिकार बना लिया। इससे क्षेत्र में हड़कम्प मच गया। यह घटना करीब साढ़े तीन बजे की घटना है। चंद्रलोई नदी पर बने एनीकट से बच्चा बहकर मठ के सामने पहुंच गया। यहां तीन मगरमच्छों ने उसे घेर लिया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मगरमच्छों ने उसके सिर पर प्रहार किया। इसके बाद करीब 100 मीटर तक खून बहता हुआ दिखा, लेकिन बच्चा नजर नहीं आया। घटना से चंद्रेसल गांव में सनसनी फैल गई। यहां हर किसी की आंखों से आंसू बहने लगे। बालक सुरक्षित मिलने का प्रार्थना करने लगे।
ग्रामीणों ने बताया कि यहां आए दिन मगरमच्छ आते रहते हैं। इन्हें रोकने के लिए नदी के किनारे तारबंदी नहीं है। जिस जगह बालक को मगरमच्छों ने पकड़ा, वहां इनकी तादाद बहुत ज्यादा है। घटना की सूचना आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। इसी बीच लोगों ने लाडपुरा विधायक कल्पना देवी को घटना की जानकारी दी। उन्होंने जयपुर से जिला कलक्टर मुक्तानंद अग्रवाल को फोन कर बालक को जल्द से जल्द तलाश करने करने को कहा।