
MP में कामकाज ठप: सरकारी विभागों में कर्मचारी 2 दिनों की हड़ताल पर...
भोपाल। चुनावों से पहले अपनी लंबित मांगों को लेकर मध्यप्रदेश के कर्मचारी इन दिनों लगातार हड़ताल कर रहे हैं। इसी के चलते मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के आह्वान पर सभी सरकारी विभागों के तृतीय श्रेणा कर्मचारी भी दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं।
इसके साथ ही आरटीओ में भी पूरे प्रदेश के क्लर्क हड़ताल पर चले गए हैं। जानकारों के अनुसार सरकारी कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के चलते राज्य सरकार के लिए परेशानी बढ़ गई है।
ये हैं प्रमुख मांगे...
जानकारी के अनुसार कर्मचारी संघ मुख्य रुप से प्रदेश के लिपिकों के लिए गठित रमेशचन्द्र शर्मा समिति की 23 अनुसंशाओं को तत्काल लागू करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को भी केंद्र के समान मकान किराया भत्ता, वाहन भत्ता, बच्चों की शिक्षा का भत्ता दिए जाने की मांग भी की जा रही है।
वहीं इसके अलावा कर्मचारी संघ की मांग है कि पूर्ण पेंशन के लिए 25 वर्ष की सेवा मान्य की जाए और नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। इसके अलावा संविदा कर्मचारियों के नियमितिकरण के बाद रिक्त होने वाले पदों पर नियमित नियुक्ति करने की मांग भी कर्मचारी कर रहे हैं।
दो दिन रहेगा कामकाज ठप!
जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने 27 व 28 जुलाई यानि दो दिनों तक हड़ताल का एलान किया है। जिसके कारण अब दो दिनों तक सभी विभागों में काम काज ठप रहेगा। वहीं सामने आ रही जानकारी के अनुसार कर्मचारी संघ की समस्त विभागीय समितियों के अध्यक्षों ने आवेदन भरकर अपने-अपने विभाग प्रमुखों को भी सौंप दिए हैं।
वहीं जानकारों की मानें तो इन दिनों चुनावों से ठीक पहले हर विभाग सरकार से अपनी मांगे पूरी करवा लेना चाहता है। इसी के चलते सरकार पर दबाव बनाने के लिए विभिन्न संगठनों द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
आरटीओ में भी हड़ताल...
वहीं दूसरी ओर भोपाल सहित पूरे प्रदेश के आरटीओ में कार्यरत क्लर्क भी 2 दिनों के लिए हड़ताल पर चले गए हैं। क्लर्कों की इस हड़ताल के चलते ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों के रजिस्ट्रेशन से लेकर परमिट और फिटनेस संबंधी गाड़ियों के काम नहीं हो रहे हैं।
वहीं हड़ताल की जानकारी नहीं होने पर कई लोग आरटीओ पहुंच रहे हैं, ऐसे में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरटीओ के ये क्लर्क भी ग्रेड-पे में सुधार की मांग के अलावा रमेश चंद्र शर्मा समिति की अन्य अनुशंसाओं को लागू करने और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की मांगों के प्रति राज्य सरकार का ध्यानाकर्षण कराने के लिए हड़ताल कर रहे हैं।
व्यापारी अनिश्चिकालीन हड़ताल पर...
इनके अलावा प्रदेश में अनाज, दलहन व्यापारी भी अनिश्चिकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। अपनी तमाम मांगो को लेकर ये व्यापारी हड़ताल कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि सकल मध्य प्रदेश अनाज दलहन तिलहन व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष गोपाल दास अग्रवाल के अनुसार मंडी बोर्ड अधिकारियों से चर्चा की गई थी जिसमें सकारात्मक निर्णय नहीं निकला। इसकी वजह से प्रदेश में आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने निर्णय लिया गया है।
महिला अतिथि शिक्षकों ने मुंडन कराया...
वहीं इससे पहले सरकार की नीतियों के विरोध व अपनी मांगों को लेकर अतिथि शिक्षक पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। इसी के चलते गुरुवार को महिला अतिथि शिक्षकों ने टूटती हुई उम्मीदों से निराश होकर केश-त्याग (मुण्डन) दिए।
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से शासकीय स्कूलों में कम वेतन पर सेवा दे रहे हैं। इसके बाद भी आज तक उन्हें नियमित नहीं किया गया। कई बार मुख्यमंत्री की ओर से आश्वासन भी दिया परंतु अभी तक उस पर अमल नहीं हुआ।इसके अलावा पूर्व शिक्षा मंत्री जैन ने भी कई बार इसका आश्वासन दिया था।
अतिथि शिक्षकों का यह भी आरोप है कि पिछले साल सरकार ने वादा किया था अतिथि शिक्षकों की नियमितिकरण के मामले के निपटारे के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी, जो 3 माह में फैसला करेगी। लेकिन पिछले 1 साल में इस इस कमेटी का गठन तक नहीं हो सका। आंदोलनकारी अतिथि शिक्षकों के अनुसार अब वे नियमितीकरण से कम पर कोई समझौता नहीं करेंगे और यदि ये मांग पूरी नहीं होती है तो आंदोलन में और तेजी लाएंगे।
Published on:
27 Jul 2018 02:58 pm
