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विश्व की सबसे बड़ी गैस त्रासदी, 32 साल बाद दुनिया के सामने आया था गद्दारों का नाम

Bhopal Gas Tragedy story: गैस त्रासदी के बाद 7 दिसंबर को जो कुछ हुआ, उसका सच 32 साल बाद दुनिया के सामने आ सका था...।

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भोपाल

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Manish Geete

Dec 01, 2021

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भोपाल। इस हादसे के बाद जो लोगों ने भोगा है, वह भी अपने आप में किसी त्रासदी से कम नहीं था। हर वो इंसान जिसने अपनी आंखों से मंजर देखा था, वो आज भी रो देता है, जबकि जो इस हादसे से कोसों दूर थे वे भी भावुक हो जाते हैं। 2 और 3 दिसंबर याने दर्द उभरने का दिन, अपनों को याद करने का दिन और आरोपियों को कोसने का दिन बन चुका है।

2-3 दिसंबर 1984 की रात और उसके कई सालों तक भोपाल की जनता ने गैस त्रासदी झेली, उसकी भयावहता की दुनिया गवाह है। यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री (Union Carbide factory) से लीक हुई मिथाइल आइसोसाइनेट गैस (methyl isocyanate) ने पूरे भोपाल की आबोहवा को जहरीली बना दिया था। इस घटना के लिए वो भी जिम्मेदार थे, जो यूनियन कार्बाइड के मालिक वारेन एंडरसन को बचाने में लग गए थे।

हर साल उभरता है इस त्रासदी का दर्द, आज भी आरोपियों का नाम लेकर कोसते हैं लोग...। करते हैं बिछड़ों को याद...। पेश है patrika.com की विशेष रिपोर्ट...।

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने दो साल पहले गैस पीडि़त संगठनों की ओर से पेश निजी इस्तगाशे पर यूनियन कार्बाइड के चेयरमैन रहे वॉरेन एंडरसन को भगाने में मदद करने पर तत्कालीन कलेक्टर मोती सिंह और तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वराज पुरी के खिलाफ केस दर्ज करने को कहा था।

स्वराज पुरी गए थे एयरपोर्ट छोड़ने

गैस कांड का मुख्य आरोपी एंडरसन को तत्कालीन भोपाल एसपी स्वराज पुरी शाम करीब 4 बजे श्यामला हिल्स स्थित यूनियन कार्बाईड के गेस्ट हाउस से खुद की गाड़ी में एयरपोर्ट छोड़ने गए थे। वहां पहले से खड़े विशेषविमान में एंडरसन तुरंत ही दिल्ली पहुंच गए और वहां से अमेरिका भाग निकले।

यह लोग हुए थे गिरफ्तार

पंचनामे में उल्लेख है कि अपराध क्र. 1104/84, भादंवि की धारा 304, 304 ए, 284, 120 बी, 278, 429, 436 और 92 फैक्ट्री एक्ट के अंतर्गत यूनियन कार्बाइड कार्पोरेशन अमेरिका के अध्यक्ष वारेन एम एंडरसन आत्मज स्व. जॉनमार्टन एंडरसन उम्र 63 वर्ष निवासी 54 ग्रेनिज हिल्स यूएसए, यूका के चेयरमैन केशव महिंद्रा निवासी पेडर रोड बॉम्बे व एमडी विजय गोखले निवासी बॉम्बे को गिरफ्तार कर गेस्ट हाउस में रखा गया।


इन लोगों पर हुआ था केस रजिस्टर्ड

दुनिया की भीषणतम त्रासदी में जहरीली गैस से हुईं हजारों मौतों को लेकर हनुमानगंज थाने में भादंवि की धारा 304, 304ए, 284, 120 बी, 278, 429, 436 और 92 फैक्ट्री एक्ट के तहत यूनियन कार्बाइड (यूएसए) के चेयरमैन वारेन एम एंडरसन, अध्यक्ष केशव महिंद्रा, एमडी विजय गोखले सहित यूनियन कार्बाईड के तत्कालीन भोपाल में पदस्थ अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुआ था।

टीआई ने पहुंचाया गेस्ट हाउस

एंडरसन, महिंद्रा और गोखले तीनों 7 दिसंबर की सुबह करीब 10 बजे एक ही विमान से एयरपोर्ट पहुंचे थे। तीनों को भोपाल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया था। हनुमानगंज के तत्कालीन टीआई सुरेंद्र सिंह तीनों को लेकर श्यामला हिल्स स्थित यूनियन कार्बाईड के गेस्ट हाउस पहुंचे। वहां तीनों का गिरफ्तारी पंचनामा बनाया। एंडरसन को गैर-कानूनी रूप से निजी मुचलके और जमानत पर दे दी गई। सिर्फ गिरफ्तारी पंचनामे पर एंडरसन के हस्ताक्षर लिए गए थे, जबकि निजी मुचलके, जमानतनामे पर हस्ताक्षर नहीं लिए।


एंडरसन के हस्ताक्षर नहीं थे

निजी मुचलके में उल्लेख था कि 'मैं वारेन एम एंडरसन आत्मज स्व. जॉन मार्टन एंडरसन उम्र 63 वर्ष निवासी 54 ग्रेनिज हिल्स यूएसए (USA) का हूं। मुझे हनुमानगंज पुलिस (hanumanganj police thana) ने गिरफ्तार किया, इकरार करता हूं कि पुलिस या अदालत के आदेश दिए जाने पर ही देश छोड़ूंगा।' जबकि इस निजी मुचलके पर एंडरसन के दस्तखत ही नहीं हैं। वहीं यूनियन कार्बाईड के जनरल एकाउंटेंट एएम कुरुविला के जमानत नामे पर एंडरसन को छोड़ा गया। इस पर भी एंडरसन के हस्ताक्षर नहीं हैं। एंडरसन के निजी मुचलके और जमानतनामे में जिस जगह धाराएं अंकित हैं, उसमें छेड़छाड़ स्पष्ट नजर आ रही है।