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Patrika 40 under 40- आप पढ़ने या खेल में अच्छे हों या न हों पर अच्छा इंसान जरूर बनें

अक्षय कुमार के खेल को आगे बढ़ा रहे सागर के सोहेल खान पत्रिका की 40 अंडर 40 पावर लिस्ट में शामिल

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भारत में फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार के लाए खेल ‘कुडो’ को आगे बढ़ाने वाले सागर के सोहेल खान ने इस खेल में कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड जीते। वे लड़कियों को आत्मरक्षा की फ्री ट्रेनिंग देते हैं। कई सामाजिक कार्य करते हैं। वे कहते हैं, आप पढ़ाई या खेल में अच्छे न हों तो भी चलेगा, पर अच्छा इंसान बनना जरूरी है। पत्रिका के 40 अंडर 40 में शामिल सोहेल खान से हुई बातचीत के प्रमुख अंश...

सवाल: गर्ल्स को फ्री आत्मरक्षा की ट्रेनिंग देने की प्रेरणा कैसे मिली?

जवाब: गुरु को देखकर ही बच्चा सीखता है। अपने गुरु से मैंने सीखा। दूसरा, यह कि बेटियों की माता-पिता को हमेशा चिंता होती है। बेटी के घर से जाने से पहले ही उसके आने का समय घरवाले तय कर देते हैं। मुझे लगता है यदि लड़कियों को आत्मरक्षा के गुर आएंगे तो माता-पिता थोड़ा तनाव मुक्त रहेंगे। बड़ी बात है कि इसमें ज्यादा कुछ नहीं लगता।

सवाल: जिस देश में क्रिकेट जैसे खेल की धूम हो, वहां कूडो खेल की तरफ आपका रुझान कैसे?

जवाब: स्कूल में एक पीरियड खेल का होता था। तब ये चर्चित खेल हमें बोरिंग लगते थे। मुझे बचपन से ही कुश्ती जैसे खेल पसंद थे। फिर मेरे कोच डॉ. एजाज खान ने मेरे हुनर को पहचाना। मुझे इस ओर ले आए। पहले मैंने कराते फिर ताइक्वांडो सीखा।

सवाल: खेल और पढ़ाई को एक साथ कैसे मैनेज करते हैं?

जवाब: खेल व पढ़ाई दोनों का प्रबंधन बड़ी चुनौती है। सिर्फ पढ़ने पर फोकस करते हैं तो खेल का नुकसान होता है। सिर्फ खेलते हैं तो पढ़ाई का नुकसान होता है। पढ़ना जरूरी है, इससे व्यक्तित्व का विकास होता है। मैं सुबह-शाम दो-दो घंटे ट्रेनिंग करता हूं। इस बीच के समय में पढ़ाई करता हूं। मेरी रुचि स्कूल से ही इतिहास व राजनीति में रही है।

सवाल: अपने खेल कूडो के बारे में कुछ बताएं। क्या है यह खेल और कैसे खेलते हैं?

जवाब: कूडो मिक्स मार्शल आर्ट है। इस खेल को भारत में 2011 में फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार लेकर आए। उन्होंने देश में इसका विस्तार किया। उन्होंने ही पूरे देश में इसे विस्तार देने की मुहिम चलाई। मिक्स मार्शल आर्ट्स कई आर्ट से मिलकर बना है।

आप पढ़ने या खेल में अच्छे हों या न हों... अच्छा इंसान जरूर बनें। आप टॉपर नहीं होंगे या अच्छे खिलाड़ी नहीं होंगे तो भी चलेगा, अच्छा इंसान होना जरूरी है। मैं इसीलिए एक एनजीओ चलाता हूं और ज्यादा से ज्यादा गरीबों की मदद की कोशिश करता हूं।
- सोहेल खान, कुडो खिलाड़ी - पत्रिका की 40 अंडर 40 पावर लिस्ट में शामिल

पूरा इंटरव्यू देखें आज शाम 5 बजे पत्रिका के फेसबुक पेज
facebook.com/Patrikamadhyapradesh/ पर

अपने सवाल rajiv.jain@in. Patrika .com मेल पर भी भेज सकते हैं।