
photos from odisha female beggers
(संबलपुर): जींस, टीशर्ट, चोटी में करीब दो दर्जन लड़कियां ट्रेन से उतरती हैं, सुलभ शौचालय जाकर तैयार होकर संबलपुर के प्रमुख चौराहों पर गुट बनाकर खड़ी हो जाती हैं और लोगों को रोक-रोक कर अपनी मनगढ़ंत मजबूरी बताकर भीख मांग रही हैं। ये लड़कियां उस राज्य से हैं, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित और जनता को खुशहाल रखने वाला राज्य अपने भाषणों में बताया करते हैं। टिपटॉप 28 लड़कियों और महिलाओं का यह ग्रुप दरअसल भीख मांगने को प्रोफेशन के रूप में अपना चुका है। इनके लिए भाषा-क्षेत्र का कोई मतलब नहीं है। किसी ने पुलिस को सूचना दी तो धनुपाली थाने की पुलिस ने इन सबको थाने बुलाकर पूछताछ की। इनका कहना है कि ये लोग गुजरात के अहमदाबाद जिले से हैं। ये सभी नक्कासपाली, मानेश्वर व संबलपुर टाउन से बाहरी क्षेत्र में लोगों को रोक-रोककर पैसे मांग रही थीं।
पुलिस का कहना है कि अहमदाबाद के ओदाबा क्षेत्र की ये सभी लड़कियां और महिलाएं संबलपुर से पहले कटक व वहां के हाईवे पर भीख मांग चुकी हैं। इनके पास पांच सौ और दो सौ के नोट थे। ताज्जुब है कि एक भी भिखारी नहीं लगती। थाना पुलिस ने इन्हें दो घंटे तक थाने पर बैठाए रखा और दो घंटे मोहलत दी कि तत्काल संबलपुर छोड़कर चली जाएं। ये सभी पुरी रथयात्रा के दौरान पुरी आई थीं, तब से यहीं पर हैं। रथयात्रा के बाद ये कटक और संबलपुर में भीख मांग रही हैं।
भीख मांगता देख सकते में रह गए लोग
सभ्य वेश में तैयार इन लड़कियों को भीख मांगता देख हर कोई सकते में रह गया। मूलत: गुजरात की रहने वाली इन लड़कियों को ओडिशा की भाषा का ज्ञान न होने की वजह से संवाद करने में दिक्कत हो रही थी। फिर भी यह बदसतूर भीख मांगती रही। पुलिस के ध्यान में जब यह मामला आया तो उन्हें भी इनके भीखारी होने पर विश्वास नहीं हुआ।
Published on:
29 Jul 2018 05:01 pm

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