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(भुवनेश्वर): करीब चार लाख से ज्यादा ओलिव रिडले कछुए हजारों मील दूर प्रशांत महासागर से बंगाल खाड़ी अंडे देने पहुंचे हैं। गहिरमथा व ऋषिकुल्य तट पर ओलिव रिडले का जाल जैसा बिछा है। ये कछुए अंडे देने लगे हैं। डिवीजनल फॉरेस्ट अफसर राजनगर विमल प्रसन्न आचार्य ने बताया कि 27 फरवरी से अंडे देने का सिलसिला शुरू हो गया है। सामूहिक रूप से अंडे देने का यह सातवां दिन है।
उनका कहना है कि साढे 6 लाख के आसपास ओलिव रिडले कछुए ओडिशा तटवर्ती क्षेत्र में अंडे दे सकते हैं। अब तक का रिकार्ड 2001 में 7 लाख 41 हजार रहा है। ओलिव रिडले के लिए तटवर्ती क्षेत्र में सुरक्षा दायरा सख्त कर दिया गया है। मछुआरों को पर्यटकों को प्रजनन स्थल पर जाने से रोक दिया गया है।
बंगाल की खाड़ी ओडिशा के तट कछुओं के लिए अंडा देने की सबसे मुफीद जगह हैं। ये कछुए गंजाम जिले के ऋषिकुल्या नदी, केंद्रपाडा जिले में गहिरमाथा नदी और पूरी जिले के देवी नदी में प्रजनन करने आते हैं। विलुप्ति की कगार पर खड़े इन कछुओं के संरक्षण और अंडा देने और प्रजनन की प्रक्रिया के दौरान उन्हें नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने इन क्षेत्रों में 20 किमी के दायरे में मछली पकड़ने पर एक नवंबर से 31 मई तक प्रतिबंध लगा दिया है। अंडों को इकट्ठा कर उन्हें सुरक्षित रखने के लिए वन विभाग ने फॉरेस्ट गार्डों को इन तटों पर नियुक्त किया है।
Published on:
05 Mar 2019 04:14 pm
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