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चिलिका झील में 18 लोगों से भरी नाव पलटी, बाहर निकाले गए तीन शव

खोरदा और गंजाम जिले की सीमा छूने वाली चिलिका झील में नाव डूबने से छह लोगों की मौत की आशंका है...

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chilika lake

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महेश शर्मा की रिपोर्ट...

(भुवनेश्वर): खोरदा और गंजाम जिले की सीमा छूने वाली चिलिका झील में नाव डूबने से छह लोगों की मौत की आशंका है। नाव में 18 लोग सवार थे जिनमें से 12 को बचा लिया गया। ये सभी खोरदा के जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती हैं। राहत बचाव कार्य दल ने तीन शव निकाल लिए हैं। तीन अन्य शवों की तलाश की जा रही है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मृतकों के परिजनों को चार लाख रूपए मुआवजे के तौर पर देने और इस घटना से प्रभावित लोगों का फ्री इलाज करने के आदेश दिए हैं। पटनायक ने दोनों जिलों के जिलाधिकारियों को हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार दो महिलाओं व एक नाबालिग का शव निकाला जा चुका है। फायर ब्रिगेड व ओड्राफ बल बचाव आपरेशन में लगा है। नांव में 18 लोग सवार थे। यह सभी भुवनेश्वर और नयागढ़ जिले के रहने वाले हैं।

बिगड़तेे मौसम की वजह से नदी में पलटी नाव


नांव कालिजयी से बालूगांव की ओर आ रही थी। तूफानी हवाओं और बारिश के कारण नांव का संतुलन बिगड़ गया था। कालिजयी के दर्शन के दौरान ही नाविक ने चेतावनी दी थी कि जल्दी दर्शन कर लों मौसम खराब हो सकता है। नाव में सवार रविनारायण इस घटना में अपना पूरा परिवार खो चुके हैं। उनका कहना है कि उनके देखते देखते उनकी पत्नी और बेटा डूब गये। बेटे का शव अस्पताल बाहर लाया गया जबकि पत्नी का अतापता नहीं ।

राहत कार्य में लगा बचाव दल

मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुकांत सेठी ने बताया कि 50 जवान फायर ब्रिगेड के तथा 40 ओड्राफ के जवान रेस्क्यू आपरेशन में लगाए गए हैं। इसके अलावा छह पावर बोट, 16 गोताखोर व मछुआरे लगाए गए हैं। नेवी की भी मदद ली गयी है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घटना पर दुख व्यक्त किया ।

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