
shiv tample
(भुवनेश्वर): पूरे देश में सोमवार को हर्षोंउल्लास के साथ महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। ओडिशा के ऐतिहासिक लिंगराज मंदिर में भी शिवरात्रि के मद्येनजर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। इस प्राचीन मंदिर को भले ही देश में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में शुमार न किया जाता हो पर इसकी महत्ता किसी भी ज्योतिर्लिंग से कम नहीं हैं।
पीएम मोदी भी कर चुके है दर्शन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भुवनेश्वर में हुई बीजेपी की अप्रैल 2017 नेशनल एक्जीक्युटिव कमेटी की मीटिंग के दौरान लिंगराज मंदिर में दर्शन करने आए थे। इससे पहले देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू भी आ चुके हैं।मंदिर प्रशासन ने शिवरात्रि के पर्व पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासनिक व्यवस्था की है। मंदिर प्रशासन ने टाइम टेबल फिक्स किया है जिसके अनुसार फ्री दर्शन के लिए तीन समय निर्धारित किया गया है।
प्रातः साढ़े तीन बजे से साढ़े 10 बजे तक, पौने चार से पौने पांच बजे तक तथा रात दस बजे से 11 बजे तक। बताया जाता है कि लिंगराज मंदिर ओडिशा का बहुत पुराना मंदिर है जिसे लालटेंडुकेसरी ने (617-657) ने बनवाया था। भुवनेश्वर में किसी समय सात हजार मंदिर थे। इसीलिए इसे मंदिरों का शहर कहा जाता है।
लिंगराज मंदिर 180 फुट ऊँचा है। नागर शैली में बना यह मंदिर कलिंग आर्कीटेक्चर की नुमाइंदगी करता है। इतिहासकार इसे ओडिशा का सबसे महत्वपूर्ण मंदिर बताते हैं। इस मंदिर के बाद पुरी का जगन्नाथ मंदिर बना था। मंदिर परिसर में 160 मी.x140 मी. आकार का एक चतुर्भुजाकार कमरा मिलता है। इस मंदिर का आकार इसे अन्य शिव मंदिरों अलग प्रस्तुत करके रखता है। मंदिर में स्थापित मूर्तियां चारकोलिभ पत्थर की बनी हुई है। ये मूर्तियां समय को झुठलाते हुए आज भी उसी तरह चमक रही है।
Published on:
03 Mar 2019 04:31 pm
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