प्रशासन हर साल यहां पशुओं की बलि पर पाबंदी की घोषणा करता है लेकिन इसका कोई असर किसी पर नहीं पड़ता...
(पत्रिका ब्यूरो,भुवनेश्वर): सुप्रीमकोर्ट की पाबंदी के बाद भी ओडिशा के कालाहांडी में छतर विजय यात्रा के दौरान हजारों पशुओं की मां मानिकेश्वरी को बलि चढ़ाई गई। मां मानिकेश्वरी की पारंपरिक छतर विजय यात्रा निकाली गई। भवानीपटना के एक निर्धारित स्थल के निकट पशु बलि दी गई यह परंपरा सैकड़ों वर्ष पुरानी बताई जाती है।
लोगों में आस्था है कि बलि चढ़ाने से उनकी इच्छाएं पूरी होती हैं। बलि चढ़ाने के कारण यात्रापथ रक्त से लाल हो जाता है। मां के भक्त सुदूररवर्ती क्षेत्रों से आते हैं। भवानीपटना की माणिकेश्वरी देवी की अष्ठमी शोभायात्रा में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लाखों लोग इस बार भी मौजूद थे। प्रशासन हर साल यहां पशुओं की बलि पर पाबंदी की घोषणा करता है लेकिन इसका कोई असर किसी पर नहीं पड़ता।
देवी की यात्रा के दौरान हजारों पशुओं की देवी दर्शन के दौरान बलि दी जाती है। मन्नत पूरी हो जाने के बाद देवी माणिकेश्वरी के सामने बलि देने का रिवाज लंबे समय से है। कालाहांडी के जिलाधिकारी अंजन कुमार माणिक ने बलि प्रथा को बंद करने का अनुरोध किया था। लेकिन इसका असर कहीं नहीं दिखा।