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(पुरी): भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण दल ने श्रीमंदिर के गर्भ गृह का निरीक्षण किया। इसके पारंपरिक क्षरण को बचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। टीम में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग एंड फ्यूल रिसर्च तथा सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ हैं।
विशेषज्ञ दल का कहना है कि महाप्रभु ने गर्भ गृह को ठीकठाक करने का अवसर दिया है। इसीलिए रथयात्रा का समय चुना गया। रथयात्रा का समय नौ दिन का होता है। गर्भगृह के निरीक्षण के बाद विशेषज्ञों की टीम ने निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में मीटिंग की।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भगृह में कुछ स्थानों पर मरम्मत का काम किया जाना है। यह कार्य रिपोर्ट तैयार करने के साथ ही शुरू होगा। पूरे मंदिर के ढांचे की एक फाइनल रिपोर्ट तैयार की जाएगी जिसमें कहां कहां और रिपयेरिंग की जानी है, इसका उल्लेख होगा। श्रीजगन्नाथ मंदिर के गर्भ गृह का निरीक्षण करके मरम्मत कराने का निर्णय इसी साल चार जुलाई की बैठक में लिया गया था। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण इसकी मरम्मत 22 जुलाई से पहले करा देगी।
चल रहा है रथ यात्रा महोत्सव,मौसी के घर विराज रहे भगवान
बता दें कि इन दिनों जगन्नाथ महाप्रभु का रथ यात्रा महोत्सव चल रहा है। यह महोत्सव नौ दिन तक चलता है। यह उत्सव शनिवार शाम चार बजे से शुरू हुआ। सोमवार को जगन्नाथ महाप्रभु बहन सुभद्रा देवी और भाई बलभद्र के साथ मौसी के घर विराजमान हुए। यहां पर प्रभु की मान मनवार की जाएगी। नौ दिनों तक अपनी मौसी के घर गुडिंचा में रहने के बाद जगन्नाथ महाप्रभु देवी सुभद्रा और बालभद्र जी वापस मंदिर में लौट आएंगे और इसके बाद उनकी मुर्तियां दोबारा मंदिर के गर्भगृह में स्थापित कर दि जाएगी। ऐसे में इस समय को गर्भगृह की मरम्मत के लिए चुना गया है। जिससे जल्दी और सरलता से इस काम को किया जा सकेगा। नौ दिन बाद जगन्नाथ महाप्रभु और सभी देवी देवताओं को नए गर्भगृह स्थापित किया जाएगा।
Published on:
17 Jul 2018 07:28 pm

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