27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ओडिशा में कोहराम मचाने के बाद कमजोर पड़ रहा चक्रवात “तितली”

राज्य के उत्तर क्षेत्र में बारिश होती रहेगी....
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भुवनेश्वर

•

image

Prateek Saini

•

Updated: 11 Oct 2018, 3:36 PM IST

cyclone

cyclone

(पत्रिका ब्यूरो,भुवनेश्वर): चक्रवाती तूफात तितलली धीरे-धीरे कमजोर पड़ता जा रहा है। वह अब पश्चिम बंगाल की ओर रुख करने लगा है। यह जानकारी मौसम विभाग क्षेत्रीय निदेशक एचआर विश्वास ने दी। तितली समुद्री चक्रवात के गोपालपुर के तट पर टकराने के बाद इसकी अधिकतम स्पीड 126 किलोमीटर प्रतिघंटा रिकार्ड की गई।


विश्वास का कहना है कि इसका असर ओडिशा में गुरुवार शाम तक रहेगा। इसके कारण ओडिशा के खासकर तटीय क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है पर हवाओं की गति थोड़ा कम हुई है। दक्षिण ओडिशा, उत्तर ओडिशा तटीय व भीतरी क्षेत्र व इर्दिगर्द इसका असर दिखाई दिया। विश्वास का कहना है कि इन क्षेत्रों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। दोपहर 12 बजे के बाद से इसका असर होता जा रहा है।। उनका कहना है कि राज्य उत्तर क्षेत्र में बारिश होती रहेगी।

दहशत में लोग

बीते तीन दिनों से ही चक्रवात तितली के कारण राज्य में तबाही होने की बात कही जा रही थी। मौसम विभाग ने आशंका जताई थी कि तितली के कारण राज्य में भारी बारिश हो सकती है। हालांकि अब इसका असर कम हो रहा है और यह राज्य से पश्चिम बंगाल की ओर बढ रहा है पर तड़के ओडिशा के गोपालपुर तट से टकराया तितली चक्रवात अपना असर छोड़ गया।


सवेरे यहां से दी तितली ने दस्तक

मौसम विभाग के अनुसार तितली सुबह करीब साढ़े पांच बजे गंजाम जिले गोपालपुर और आंध्र के श्रीकाकुलम के समुद्र तट से टकराया। तब तितली की रफ्तार 140 से 150 किलोमीटर प्रतिघंटा बताई गई थी।

बिजली के खंभे,पेड़ आदि टूट गए

तितली चक्रवात गोपालपुर तट से टकराया, इस दौरान भारी बारिश हुई, तटीय क्षेत्र में भारी संख्या में पेड़ और बिजली के खंभे आदि टूट गए। कई अस्थायी ढांचे वाले घर भी ध्वस्त हो गए। संचार और बिजली व्यवस्था पंगु हो गई। विशेष राहत आयुक्त विष्णुपद सेठी ने बताया कि गजपति जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। वहां नुकसान बाकी जिलों के मुकाबले ज्यादा रहा। पार्लाखेमुंडी, काशीनगर, मोहोना, गोसानी क्षेत्र में आवाजाही ठप हो गई। जगह पेड़ और खंभे गिरे दिखे। इसी तरह गोपालपुर-ब्रह्मपुर में आवागमन बाधित है। भंजनगर, आस्का में जगह-जगह पेड़ व बिजली खंभे सड़क पर दिखायी दिए।

अलर्ट पर है राज्य

सरकारी तंत्र की ओर से पहले ही तीन लाख तटवर्ती रिहायश वालों को पहले ही अन्य सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया था। यह तूफान 280 किलोमीटर बंगाल की खाड़ी में उठा था। 11 से 12 अक्टूबर तक राज्य में भारी बारिस की आशंका जतायी गई थी। राज्य सरकार ने 18 जिलों में अलर्ट जारी किया था। इसमें चार जिलों में रेड अलर्ट था। पिछले तूफान में हुए जानमाल के नुकसान के कारण सरकार भारी इंतजाम किए थे।