19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ओडिशा से अपहृत छात्र की सकुशल रिहाई, 12 गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के बीरभूम के विश्वभारती विश्वविद्यालय के अपहृत विदेशी छात्र की पुलिस ने ओडिशा के तलसारी से सकुशल रिहाई करा ली है। इस मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अपहरण व्यवसायिक रंजिश के कारण किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। मिली जानकारी के मुताबिक म्यांमार निवाासी पन्नकारा थाई विश्वविद्यालय में शोधार्थी है।

2 min read
Google source verification
ओडिशा से अपहृत छात्र की सकुशल रिहाई, 12 गिरफ्तार

ओडिशा से अपहृत छात्र की सकुशल रिहाई, 12 गिरफ्तार

बाल के व्यवसाय से जुड़ा हुआ था विदेशी छात्र
50 लाख की बकाया रकम के लिए किया था अपहरण
भुवनेश्वर. पश्चिम बंगाल के बीरभूम के विश्वभारती विश्वविद्यालय के अपहृत विदेशी छात्र की पुलिस ने ओडिशा के तलसारी से सकुशल रिहाई करा ली है। इस मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अपहरण व्यवसायिक रंजिश के कारण किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। मिली जानकारी के मुताबिक म्यांमार निवाासी पन्नकारा थाई विश्वविद्यालय में शोधार्थी है। इसके साथ ही वह बालों के व्यवसाय से भी जुड़ा है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों की उसके साथ व्यवसायिक रंजिश थी, जिसके कारण उसे अपहृत किया गया था। पुलिस ने बताया कि विश्वविद्यालय और छात्र के परिजनों की ओर से की गई शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए पहले दुबराजपुर से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। जिनसे पूछताछ में अन्य नौ जनों का सुराग लगा। जिनमें से एक आरोपी बीरभूम के ही नानूर का निवासी है और बाकी आठ पूर्व मेदिनीपुर के अलग-अलग हिस्सों से ताल्लुक रखते हैं।
--
फोन टॉवर और लोकेशन से मिला सुराग
पुलिस सूत्रों के मुताबिक संदिग्ध आरोपियों को सीसीटीवी फुटेज से चिह्नित किया गया। फिर उनके फोन के लोकेशन निकाले गए। जिनसे उसे ओडिशा के तलसारी में रखे जाने की सूचना मिली। शनिवार को पुलिस की टीम ने तलसारी जाकर अभियान में उसकी सकुशल रिहाई कराई।
--
50 लाख के लेन-देन को लेकर था विवाद
म्यांमार निवासी पन्नकारा थाई गत गुरुवार से लापता था। उसके सहपाठी ने उसके अपहरण होने की सूचना विश्वविद्यालय को दी। इसके बाद उसके परिजनों ने बोलपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि पन्नाकार भारत से चीन भेजे जाने वाले बाल के व्यवसाय में शामिल था। जिन्हें म्यांमार के रास्ते चीन भेजा जाता था। इस व्यवसाय से जुड़े एजेंटों ने पन्नाकारा को छह करोड़ का भुगतान किया था। जिसमें से 50 लाख के लेन-देन को लेकर विवाद था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इसी 50 लाख की रकम से जुड़े विवाद में उसका अपहरण किया गया था।