
ओडिशा के संबलपुर में समलेश्वरी मंदिर की कायापलट
पश्चिमी क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठित मंदिरों में से यह है एक
कोविड-19 महामारी के कारण पैदा हुई बाधाएं मां समलेश्वरी के आशीर्वाद से दूर हो गई हैं। ओडिशा के संबलपुर जिले में समलेश्वरी मंदिर की कायापलट हो गई है। परियोजना का काम फरवरी 2021 में शुरू हुआ था। कोरोनाकाल में बाधा आई। आखिरकार पुरी के जगन्नाथ मंदिर में विरासत गलियारा परियोजना के उद्घाटन के 10 दिन बाद फिर से विकसित इस मंदिर का भी उद्घाटन हो गया। राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मंदिर का उद्घाटन किया। राज्य के पश्चिमी क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठित मंदिरों में से यह एक है।
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200 करोड़ रुपए से संवारा मंदिर को
महानदी के तट पर स्थित 16वीं शताब्दी के समलेश्वरी मंदिर का 200 करोड़ रुपए की परियोजना के तहत आसपास के 39 एकड़ को पुनर्विकसित किया गया है। समलेश्वरी मंदिर क्षेत्र प्रबंधन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पहल (समलेई) परियोजना के हिस्से के रूप में तीर्थयात्रियों के लिए एक बोर्डिंग हाउस, एक पार्क, एक जलपान गृह, न्यास बोर्ड का नया कार्यालय और एक संग्रहालय जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसके तहत 12वीं सदी के मंदिर में कई सुविधाएं बनाई गई।
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स्वेच्छा से जमीन छोडऩे वालों को किया याद
पटनायक ने गणमान्य व्यक्तियों, मंदिर के पुजारियों और सेवकों की उपस्थिति में मां समलेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद समलेई परियोजना का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री इस अवसर पर आयोजित यज्ञ में भी शामिल हुए। पटनायक ने लोगों को एक वीडियो संदेश में कहा कि ओडिशा उन लोगों को हमेशा याद रखेगा जिन्होंने समलेई परियोजना के लिए स्वेच्छा से अपनी जमीन छोड़ दी थी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समलेई परियोजना पश्चिमी क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
Published on:
28 Jan 2024 04:40 pm
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