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​​​माओवादियों का मलकानगिरि बंद सफल,डीजीपी ने किया गुरुप्रिया पुल का निरीक्षण

गुरुप्रिया पुल का लोकार्पण अनिश्चितकालीन के लिए रोकने को माओवादी उपलब्धि बता रहे हैं...

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गुरुप्रिया पुल

गुरुप्रिया पुल

(पत्रिका ब्यूरो,भुवनेश्वर): पोलावरम बांध और गुरुप्रिया पुल के विरोध में माओवादियों का मलकानगिरि बंद का क्षेत्र में खासा असर रहा। सैकड़ों यात्री चौराहों और बस अड्डों पर खड़े देखे गए।मलकानगिरि तक रेलमार्ग नहीं है। ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन की एक बस बाहर नहीं निकली।मलकानगिरि तक जाने बसों के रूट कैंसिल कर दिए गए।

जनता से भी की बंद करने की अपील

माओवादियों ने बंद की कॉल से पहले बैनर और हाथ से लिखे पोस्टरों को जगह-जगह लगाया। उनका विरोध पोलावरम और गुरुप्रिया पुल को लेकर था। इनमें आम जनता से अपील की गयी थी कि वो बाजार बंद रखे और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की आवाजाही रोकने को भी कहा।

बंद रहा परिवहन

निजी बस मालिकों ने एक भी बस मलकानगिरि की ओर नहीं जाने दी। परिवंद बंदी का पूरा असर जिले में दिखायी दिया। यात्रियों ने कहा कि उन्हें घंटों इंतजार के बाद कोई वाहन नहीं मिला। हारकर लौटना पड़ा। यात्रियोंका कहना है कि एक तो बारिश ऊपर से माओवादियों की धमकी के कारण पब्लिक ट्रांसपोर्ट न चलने से जिले का सारा कामकाज ठप रहा। सरकारी दफ्तर चलते रहे। घरों से बाहर निकले लोगों का कहना है कि उन्हें पता ही नहीं चल पाया कि आज मलकानगिरि बंद है। जिला प्रशासन ने बंद विफल करने की भरपूर कोशिश की पर सफल नहीं हुए। सुरक्षा बलों की गश्त जारी रही।

पुल का लोकार्पण अनिश्चितकालीन के लिए रोका

उधर गुरुप्रिया पुल का लोकार्पण अनिश्चितकालीन के लिए रोकने को माओवादी उपलब्धि बता रहे हैं। पहले 18 जुलाई को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को लोकार्पण करना था पर धमकी के चलते इसे टाल दिया गया बताया जाता है। मुख्यमंत्री ने खुद पुलिस महानिदेशक आरपी शर्मा को मौके पर हालात का जायजा लेने को भेजा। उनकी रिपोर्ट के बाद तारीख तय की जाएगी।

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