
naveen and modi
(महेश शर्मा की रिपोर्ट)
भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में किसानों की कर्ज माफी पर राष्ट्रव्यापी नीति बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। पटनायक ने इस आशय का राज्य सरकार की ओर से एक प्रस्ताव भी भेजा है जिसमें कहा गया है कि किसानों को फसली नुकसान के कारण अवसाद की मानसिक स्थिति से बचाने की बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि विभिन्न कारणों से किसान फसल का नुकसान होने से वह तबाही के कगार पहुंच जाते हैं। देश का ज्यादातर किसान कृषि अवसाद से त्रस्त है। यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है जिस पर केंद्र को राष्ट्रीय नीति बनानी चाहिए। पटनायक ने पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि उनकी सरकार किसानों की कर्ज माफी की दिशा में लिए जाने वाले केंद्र के हर कदम का स्वागत करेगी और साथ देगी। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने यह पत्र नीती आयोग की बैठक से एक दिन पहले लिखा था। मालूम हो कि केंद्र सरकार से बुलावे के बाद भी मुख्यमंत्री पटनायक ने दिल्ली जाने की जरूरत नहीं समझी। उनकी भागीदारी को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जानें लगीं थी। इस पर राज्य के वित्तमंत्री शशिभूषण बेहरा को सफाई देने के लिए मीडिया से रूबरू होना पड़ा था।
सीजीटीए के गठन की सलाह
उन्होंने अपने पत्र में केंद्र सरकार को सलाह दी कि केंद्र सीजीटीए (क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट फॉर एग्रीकल्चर) गठित करे जो क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्माल एंटरप्राइजेस की गाइड लाइंस पर आधारित हो सकता है। उन्होंने कहा कि कोलेटरल फ्री कृषि ऋण 50 लाख रुपए तक और कोलेटरल फ्री फसल ऋण दो लाख तक सीजीटीए की गारंटी पर दिए जाने चाहिए। नवीन ने मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि कृषि क्षेत्र में समग्र विकास के साथ परिवर्तन की आवश्यकता है। नवीन ने यह भी कहा कि किसानों पर स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट देश के कृषि क्षेत्र व किसानों को सही दिशा में ले जा सकती है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है।
कृषि लागत मूल्य वास्तविक मूल्य को सामने रखकर तय हो
मोदी को लिखे पत्र में नवीन पटनायक ने कहा कि हालांकि केंद्रीय बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रखे गए प्रावधानों से वह कुछ हद तक सहमत हैं पर उनका मानना है कि कृषि लागत मूल्य वास्तविक मूल्य को सामने रखकर तय किया जाना चाहिए ताकि किसानों को लाभ मिल सके। कृषि लागत की नयी गणना के तरीके का इंतजार रहेगा। नवीन ने कहा कि उनकी सरकार आयुष्मान भारत योजना को लागू करना चाहती है बशर्ते राज्य के हितों को आगे रखकर काम करने की इच्छा शक्ति हो। मालूम हो कि आयुष्मान योजना को ओडिशा सरकार ने खारिज कर दिया और उसकी एवज में बीजू स्वास्थ कल्याण योजना घोषित कर दी।
Published on:
19 Jun 2018 04:40 pm
बड़ी खबरें
View Allभुवनेश्वर
ओडिशा
ट्रेंडिंग
