
ओडिशा यह घोषणा करने वाला बना पहला राज्य
ऐसा करने पर अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि जो लोग मृत्यु के बाद अपने अंगों का दान करके दूसरों को जीवनदान देते हैं, वे सच्चे नायक हैं। उनका बलिदान अमूल्य है और समाज हमेशा उनका ऋणी रहेगा। राजकीय सम्मान देकर हम उनके त्याग को सम्मानित करना चाहते हैं और साथ ही समाज में अंगदान को प्रोत्साहित करना चाहते हैं। पटनायक ने घोषणा की कि जो लोग अपने अंगों का दान करके दूसरों की जान बचाते हैं, उनके अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से किए जाएंगे। राज्य सरकार अंगदान करने वालों के परिजनों को मुख्यमंत्री कोष से 5 लाख रुपए भी देगी। यह फैसला अंगदान को बढ़ावा देने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने के लिए उठाया गया है।
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अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ेगी
यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब देश में अंगदान की दर काफी कम है। कई लोगों में अंगदान को लेकर गलतफहमियां हैं, जिस वजह से वे अंगदान करने से हिचकते हैं। सरकार की इस पहल से लोगों में अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और यह एक नेक काम के रूप में देखा जाएगा।
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क्या है राजकीय सम्मान
राजकीय सम्मान में क्या शामिल होगा, इसका अभी तक औपचारिक रूप से ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन संभव है कि इसमें सरकारी प्रोटोकॉल के अनुसार अंतिम संस्कार, शरीर को तिरंगे में लपेटना, 21 तोपों की सलामी और शहीदों को दिए जाने वाले अन्य सम्मान शामिल हों। ओडिशा इस तरह की घोषणा करने वाला पहला राज्य बन गया है।
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कई लोगों की बचाई जा सकेगी जान
इस पहल की सराहना करते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इससे अंगदान को बढ़ावा मिलेगा और कई लोगों की जान बचाई जा सकेगी। सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी मानना है कि यह फैसला एक सकारात्मक कदम है और इससे लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
Published on:
16 Feb 2024 04:49 pm
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