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‘कलिंगघाटी’ बनी घर लौट रहे प्रवासियों के लिए मौत का कुआ, 24 घंटे में हुए इतने हादसे

Odisha News: राज्य के परिवहन मंत्री पद्मनाभ बेहरा ने सूरत से ओडिशा के गंजाम जिले को आने वाली बसों का रूट बदलने के लिए परिवहन आयुक्त को निर्देश दिए हैं...

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'कलिंगघाटी' बनी घर लौट रहे प्रवासियों के लिए मौत का कुआ, 24 घंटे में हुए इतने हादसे

'कलिंगघाटी' बनी घर लौट रहे प्रवासियों के लिए मौत का कुआ, 24 घंटे में हुए इतने हादसे

(भुवनेश्वर): प्रवासी श्रमिकों के लिए गंजाम-कंधमाल बार्डर का क्षेत्र कलिंग घाटी मौत की घाटी बनती जा रही है। सूरत से आ रही एक के बाद एक बसों का कलिंग घाटी में दुर्घटनाग्रस्त होने के दुर्योग चलते सरकार सूरत से आने वाली बसों का रूट बदलने का निर्णय लिया है। प्रवासियों को लाने वाली तीन बसे बीते 24 घंटे में दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी हैं। दो घटनाएं कलिंगघाटी में हुईं जबकि तीसरी बस महाराष्ट्र के नागपुर-अमरावती नेशनल हाईवे पर कारंजिया में हुई। यहां पर बस पलटने से पांच लोग घायल हो गए। इनमें से तीन को कारंजिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो को प्राथमिक उपचार देकर छोड़ दिया गया।

राज्य के परिवहन मंत्री पद्मनाभ बेहरा ने सूरत से ओडिशा के गंजाम जिले को आने वाली बसों का रूट बदलने के लिए परिवहन आयुक्त को निर्देश दिए हैं। बेहरा कहते हैं कि सूरत प्रशासन ने खुद बसों का इंतजाम किया है। वहां के चालक कलिंगघाटी जैसे दुरूह रास्तों पर बस चलाने के लिए अभ्यस्त नहीं हैं। दुर्घटनाओं का यही कारण है। अगली बस अब कलिंगघाटी से न होकर अलग रास्ते से आएगी। लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। यह कार्य किया जा रहा है।

शनिवार रात हुई दुर्घटना में दो व्यक्तियों की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे। रविवार को सुबह उसी स्पॉट पर फिर बस हादसा हुआ। इसमें चालक समेत पांच लोग घायल हो गए। रिपोर्ट के अनुसार बस में 50 लोग सवार थे। यह एक्सीडेंट बस और ट्रक की भिड़ंत से हुआ। खबर लगते ही उदयगिरि पुलिस थाना फोर्स मौके पर पहुंच गया। मंत्री बेहरा के अनुसार सूरत से आने वाली बसों को अब बौद्ध-ओदागांव रूट से गंजाम भेजा जाएगा। दूसरी तरफ एक अन्य खबर के अनुसार बंगलूरू से एक ट्रेन ओडिशा के लिए चल चुकी है।

इसमें 1190 प्रवासी ओडिया हैं। यह श्रमिक स्पेशल ट्रेन चिक्काबनवारा स्टेशन से 9.26 बजे सुबह छूटी है। यह जानकारी साउथ-वेस्ट रेलवे के अधिकारी ने दी। इनके आने के सारे इंतजाम कर्नाटक सरकार ने किए। ये सब बीते एक माह से रिलीफ कैंप में थे। दो मई ओडिशा मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कर्नाटक मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा से वीडियो कांफ्रेंसिंग से बात की थी।